लेखिका: अर्चना सिंह (NLP Trainer & मानस चिकित्सा विशेषज्ञ)
हम सबने कभी न कभी यह महसूस किया है—कोई मोटिवेशनल वीडियो देखा या किताब पढ़ी, दिमाग ने तुरंत स्वीकार किया कि "सुबह 5 बजे उठना अच्छा है" या "हेल्दी खाना जरूरी है।" लेकिन जैसे ही उसे अमल में लाने की बारी आती है, अंदर बैठा कोई अनजाना हिस्सा हमें रोक देता है। हम जानते हुए भी गलतियां करते हैं। आखिर हमारे भीतर वो कौन है जो सब जानते हुए भी हमें सही काम करने से रोकता है?
मस्तिष्क की इवोल्यूशनरी बनावट: कंफर्ट ओरिएंटेड ब्रेन
मस्तिष्क विज्ञान (Neuroscience) के नजरिए से देखें तो हमारा ब्रेन मूलतः एक "कंफर्ट ओरिएंटेड" (सुख-सुविधा चाहने वाला) अंग है। जब हम आदिकालीन युग में शिकारी (Hunter-gatherers) थे, तब मस्तिष्क का मुख्य काम केवल सर्वाइवल (जीवित रहना) और ऊर्जा बचाना था।
मानव मस्तिष्क को तीन प्रमुख हिस्सों में समझा जा सकता है:
ब्रेन स्टेम (Brain Stem): यह हमारे मस्तिष्क के पीछे होता है, जो सांस लेने और दिल की धड़कन जैसी अनैच्छिक क्रियाओं को नियंत्रित करता है।
लिंबिक सिस्टम (Limbic System): यह हमारे भावों, डर, गुस्से, वासनाओं और 'फाइट या फ्लाइट' (लड़ो या भागो) की प्रवृत्तियों का केंद्र है। इसे हम रेप्टीलियन ब्रेन भी कह सकते हैं।
नियो कॉर्टेक्स या प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स (Prefrontal Cortex): यह मस्तिष्क का सबसे आधुनिक और ऊपरी हिस्सा है, जो केवल इंसानों में पूरी तरह विकसित है। यही हिस्सा हमारी 'इंसानियत', सही-गलत का फैसला, फ्री विल (इच्छाशक्ति) और फोकस को तय करता है।
5% बनाम 95% की जंग
गड़बड़ तब होती है जब हमारा सॉफ्टवेयर यानी हमारा 'माइंड' काम करना शुरू करता है। हमारा केवल 5% माइंड कॉन्शियस (चेतन) है और 95% सबकॉन्शियस (अवचेतन) है। बचपन से (0 से 5 वर्ष की उम्र में) हम जो कुछ भी देखते या महसूस करते हैं, वह सबकॉन्शियस माइंड में एक पैटर्न या फिल्टर बनकर जमा हो जाता है।
अवचेतन मन के पास यह सोचने की क्षमता नहीं होती कि क्या अच्छा है और क्या बुरा; वह बस पैटर्न पर चलता है। जब आप सुबह उठने या ध्यान करने बैठते हैं, तो शरीर को असुविधा होती है क्योंकि सबकॉन्शियस अपने पुराने ढर्रे (Comfort Zone) पर बने रहना चाहता है। वह तुरंत आपके सामने बहानों की लिस्ट खड़ी कर देता है।
समाधान: ध्यान और सचेत प्रयास
इस लूप को तोड़ने का एकमात्र माध्यम "ध्यान" (Consciousness) है। ध्यान का सीधा अर्थ है—अपने चेतन मन (Conscious Mind) को वर्तमान में लेकर आना। जब आप सचेत होकर अपने पैटर्न्स को देखना शुरू करते हैं, तभी आप इस 95% के ऑटो-पायलट मोड से बाहर आ पाते हैं।
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