
सत्यबन्धु भारत।
न्यूज़ डेस्क। बिहार में पिछले 20 सालों में तेजी से सड़कों का विकास हुआ है. करीब एक लाख 25 हजार 626 किमी सड़कों का निर्माण हुआ. इसके बावजूद राज्य में प्रति एक लाख आबादी पर सड़कों की उपलब्धता का औसत राष्ट्रीय औसत की तुलना में करीब 392.77 किमी कम है. राज्य में प्रति एक लाख आबादी पर सड़कों की उपलब्धता करीब 135.02 किमी है, जबकि राष्ट्रीय औसत करीब 527.79 किमी है. हालांकि, राज्य सरकार बिहार मास्टर प्लान बना रही है, जिससे सभी 534 प्रखंड मुख्यालयों को दो लेन सड़कों से जोड़ा जायेगा. वहीं, औद्योगिक और सांस्कृतिक कॉरिडोर सहित अन्य योजनाओं पर भी काम चल रहा है. इससे लोगों को नयी सड़कें मिलेंगी. आवागमन बेहतर होगा. सड़कों की लंबाई बढ़ेगी, साथ ही आर्थिक विकास होगा।
सूत्रों के अनुसार देशभर में सड़कों की कुल लंबाई करीब 63 लाख 86 हजार 297 किमी है. इसमें नेशनल हाइवे, स्टेट हाइवे, जिला सड़क और ग्रामीण सड़कें शामिल हैं. 2011 की जनगणना के अनुसार देश की आबादी करीब एक अरब 21 करोड़ थी. ऐसे में प्रति एक लाख आबादी पर सड़क की उपलब्धता करीब 527.79 किमी है. वहीं, राज्य में चारों श्रेणी के सड़कों की कुल लंबाई करीब एक लाख 40 हजार 158 किमी है. 2011 की जनगणना के अनुसार राज्य की आबादी करीब 10 करोड़ 38 लाख चार हजार 637 थी. ऐसे में प्रति एक लाख आबादी पर करीब सड़कों की उपलब्धता करीब 135.02 किमी है।
राज्य में 2001 में एनएच की लंबाई करीब 3410 किमी थी. यह अब बढ़कर करीब 5475 किमी हो गयी है. ऐसे में इसमें करीब 2065 किमी की बढ़ोतरी हुई है. वहीं , 2001 में एसएच की लंबाई करीब 2383 किमी थी. यह अब करीब 3713 किमी हो गयी है. ऐसे में इसमें करीब 1330 किमी की बढ़ोतरी हुई है. बड़ी जिला सड़कों की लंबाई 2005 में करीब 7739 किमी था. इसकी लंबाई अब करीब 14 हजार 969 किमी हो गयी है. इसमें करीब 7230 किमी की बढ़ोतरी हुई है. वहीं, ग्रामीण सड़कों की लंबाई 2001 में करीब 800 किमी थी, यह अब बढ़कर करीब एक लाख 16 हजार किमी है. ऐसे में करीब एक लाख 15 हजार 200 किमी ग्रामीण सड़क बनी है।
