लखनऊ । 'गणेशपुर रुड़की में भागवत कथा का रस प्रवाह' -- कन्या पाठशाला माध्यमिक विद्यालय गणेशपुर, रुड़की में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के द्वितीय दिवस के अवसर पर पूज्य महामंडलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानन्द गिरि जी ने अपने श्रीमुख से भागवत कथा का तात्पर्य समझाते हुए कथा प्रसंग; व्यास जी का असंतोष, नारदजी का पूर्वजन्म कथा, कुन्ती स्तुति,परीक्षित जी और धर्म का संवाद,राजा परीक्षित द्वारा कलियुग पर निग्रह, परीक्षित जी द्वारा ऋषि का अपमान और ऋषि कुमार द्वारा सात दिन के अन्तर्गत मृत्यु का शाप , तत्पश्चात परीक्षित का गंगातट पर आना, पूज्य शुकदेव जी का पूजन इत्यादि का बड़ा ही भावपूर्ण वर्णन किया। कथा रस प्रवाह से सभी श्रोता भक्तजन भावविभोर हो उठे।आज कथा के मुख्य यजमान पंडित अनिल शर्मा एवं श्रीमती मीनू शर्मा, श्री सतेन्द्र तोमर एवं हर्षित, श्री सुशील शर्मा एवं श्रीमती मीतू शर्मा रहे। इस पावन अवसर पर आयोजन समिति के सभी सदस्य सपरिवार एवं बड़ी संख्या में श्रोता भक्तजन तथा स्वामी कल्याण दास, विशाल शर्मा, गोपाल, अवनि शर्मा, राजेन्द्र सिंह, बृजमोहन सैनी, पंडित मोहित शास्त्री, सुनील नौटियाल, प्रेमचन्द, संतोष पंडित आदि उपस्थित रहे।

