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रामपुर ह्रदय में हैण्डपम्प रिबोर व मरम्मत के नाम पर हुआ फर्जी भुगतान

 शाहाबाद ब्लॉक के ग्राम पंचायतों में हैण्डपम्प रिबोर व मरम्मत के फर्जी भुगतान का जरिया बनी बाला जी पाइप एंड मशीनरी स्टोर एजेंसी




सत्यबन्धु भारत

शाहाबाद,हरदोई। शाहाबाद ब्लॉक के सचिवों व प्रधानों का भ्रष्टाचार से चोली-दामन का साथ रहा है,शायद ही ऐसी कोई ग्राम पंचायत इस भ्रष्टाचार रूपी दीमक से अछूती रही हो। इसका सीधा कारण प्रधान से लेकर ब्लॉक में बैठे ऊपर तक के जिम्मेदार भ्रष्टाचार में ही मशगूल हैं। 
ऐसा ही एक मामला शाहाबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत रामपुर ह्रदय में देखने को मिल रहा है जहाँ 5th स्टेट फाइनेंस कमीशन के नाम से 4-9-21 में बाउचर संख्या पी2,पी3,पी4,पी5,पी6,पी7,पी8 के नाम पर ग्राम पंचायत में हैण्डपम्प रिबोर का भुगतान बाला जी पाइप एंड मशीनरी स्टोर के नाम पर किया गया लेकिन जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत में सिर्फ चार हैण्डपम्प ही रिबोर किये गए,दो हैण्डपम्प रिबोर  का फर्जी भुगतान प्रधान व सचिव की मिलीभगत से बाला जी पाइप व मशीनरी स्टोर एजेंसी के नाम पर कर दिया गया।
इसके अतिरिक्त 5th स्टेट फाइनेंस कमीशन पी9,पी10,पी11 वाउचर लगाकर ग्राम पंचायत में हजारों का भुगतान बाला जी पाइप एंड मशीनरी स्टोर के नाम किया गया जबकि ग्राम पंचायत में कई हैण्डपम्प अभी भी खराब पड़े है। सबसे चौकाने बाली बात तो यह है कि पी2,पी3,पी4,पी6 बाउचर संख्या बाला जी पाइप एंड मशीनरी नाम से 4-9-21 को रिबोर हुए हैण्डपम्पो को 10-09-21 को पी12,पी13,पी14,पी15 बाउचर लगाकर फिर से उन्ही हैण्डपम्पो को रिबोर व मरम्मत का बाउचर लगाकर फर्जी भुगतान किया गया।
जानकारों से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत सात हैण्डपम्प रिबोर का धन 4-09-21 में निकाला गया जबकि ग्राम पंचायत में सिर्फ 04 हैण्डपम्प ही रिबोर हुए। बहीं उन्ही 04 हैण्डपम्प जो बास्तब में रिबोर हुए के नाम पर फर्जी बाउचर बाला जी पाइप एंड मशीनरी स्टोर एजेंसी को 10-09-21 में भुगतान कर दिया गया जोकि फर्जी है। नाम न गुप्त रखने पर एक सचिव ने बताया कि इन सभी वाउचरों का भुगतान ब्लॉक की तरफ से एजेंसी को हो चुका है। अब बड़ा सवाल यह है कि भ्रष्टाचार की इतनी बड़ी अतिश्योक्ति कैसे हो सकती है कि 06 दिन में रिबोर हुए हैण्डपम्प खराब हो गए उन्हें दुबारा रिबोर व मरम्मत के नाम पर भुगतान करना पड़ा। यह तो जांच का विषय है कि ग्राम पंचायत में कितना बड़ा झोल सचिव व प्रधान ने किया है। लेकिन कहीं न कहीं जिले में बैठे जिम्मेदारों की उदासीनता भी भ्रष्टाचार की एक बजह है।