सत्यबन्धु भारत
अलीबाबा ग्रुप (Alibaba Group) के फाउंडर जैक मा (Jack Ma) ने पिछले साल अक्टूबर में चीन के फाइनेंशियल सिस्टम की आलोचना की थी। तब शायद ही किसी को अंदाजा होगा कि इसके बाद अलीबाबा ग्रुप का बुरा दौर शुरू होने वाला है।
इस बयान को एक साल हो गए हैं और इस एक साल में टेक्नोलॉजी सेक्टर की इस दिग्गज कंपनी के मार्केट कैपिटलाइजेशन (Carket Capitalization) में करीब 344 अरब डॉलर की भारी गिरावट आई है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह दुनिया भर में किसी कंपनी के मार्केट कैपिटलाइजेशन में आई सबसे बड़ी गिरावट है।
जैक मा के उस विवादित बयान के बाद चीन ने अलीबाबा की फिनटेक कंपनी, Ant Group की लिस्टिंग को सस्पेंड कर दिया और उसके बाद से ही उसने इस ग्रुप पर बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू कर रही है। इसके चलते चीन की कई और कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट आई है।
हांगकांग के शेयर बाजार में, अलीबाबा के शेयर पिछले साल अक्टूबर में रिकॉर्ड हाई स्तर पर ट्रेड कर थे, जो अब रिकॉर्ड लो स्तर पर आ गए। चीन ने कंपनी के खिलाफ जांच बढ़ा दी है और इसके फिनटेक बिजनेस को नए सिरे से रिस्ट्रक्चर करने को कहा है। अलीबाबा के शेयरों में बीते 5 अक्टूबर के बाद से 30 पर्सेंट की तेजी आई है। हालांकि इसके बावजूद यह अभी भी अक्टूबर 2020 के अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब 43 पर्सेंट नीचे ट्रेड कर रहा है।
अलीबाबा अगले महीने 5 नंबर को जुलाई-सितंबर तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी करेगी। बाजार को अच्छे नतीजों का अनुमान है। हालांकि चीन की सरकार की ओर से जारी कार्रवाई को देखते हुए निकट भविष्य में भी इसके शेयरों पर दबाव जारी रह सकता है।
