सत्यबन्धु भारत
देहरादून: समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार उत्तराखंड में भारी बारिश से अब तक 34 की मौत हुई है वहीं 5 लोगों लापता होने के संभावना है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मृतकों के परिवार को 4- 4 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। साथ ही बारिश के कारण जिन लोगों के घर क्षतिग्रस्त हुए है उन्हें 1. 9 लाख रुपये दिए जाने का वादा किया है। उन्होंने कहा है कि जिन लोगों ने अपना पशुधन खो दिया है, उन्हें हर संभव मदद दी जाएगी।
So far 34 deaths, 5 missing in #uttarakhandrains. Rs 4 lakh compensation to the families of the deceased, those who lost their houses will be given Rs 1.9 lakhs. Possible help to be extended to those who lost their livestock: Uttarakhand CM Pushkar Singh Dhami pic.twitter.com/J8RhIeC3Jx
— ANI (@ANI) October 19, 2021
बता दें कि, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज शाम रामनगर, बाजपुर, किच्चा और सितारगंज के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। हवाई सर्वेक्षण के दौरान उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार भी मौजूद रहे।
उन्होंने कहा है कि स्थिति का जायजा जायजा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ने मुझसे बात की और हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर राज्य सरकार द्वारा उठाए जा रहे एहतियाती कदमों की जानकारी लेने के लिए उनसे फोन पर बात की और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
एक रिपोर्ट में कहा गया है कि जिला प्रशासन शहर में फंसे पर्यटकों की मदद करने की पूरी कोशिश कर रहा है, आने वाले और बाहर जाने वाले यातायात को चेतावनी देने के लिए पुलिस को तैनात किया गया है। भूस्खलन ने कस्बे में निकास मार्ग को अवरुद्ध कर दिया है। रामनगर-रानीखेत मार्ग पर लेमन ट्री रिसॉर्ट में लगभग 100 लोग फंस गए है।
बता दें कि कई जगह भूस्खलनों होने के वजह से नैनीताल तक जाने वाली तीन सड़कों के अवरुद्ध होने की वजह राज्य के बाकी हिस्सों से संपर्क टूट गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आश्वस्त किया कि सेना के तीन हेलीकॉप्टर राज्य में चल रहे राहत एवं बचाव अभियानों में मदद करने के लिए जल्द पहुंचेंगे।
उन्होंने कहा है कि, दो हेलीकॉप्टरों को नैनीताल भेजा जाएगा जहां भारी बारिश से व्यापक पैमाने पर नुकसान पहुंचा है, बादल फटने और भूस्खलन से कई मकान ढह गए हैं तथा मलबे में लोग फंसे हुए है। एक हेलीकॉप्टर को बचाव अभियान में मदद करने के लिए गढ़वाल क्षेत्र में भेजा जाएगा।
गौरतलब है कि भरी बारीशब की वजह से नैनीताल जिले में बिजली, दूरसंचार और इंटरनेट संपर्क भी बुरी तरह बाधित है। एसईओसी ने बताया कि नैनीताल में 90 मिलीमीटर, हल्द्ववानी में 128 मिमी, कोश्याकुटोली में 86.6 मिमी, अल्मोड़ा में 216.6 मिमी, द्वाराहाट में 184 मिमी और जागेश्वर में 176 मिमी बारिश हुई।
