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UP Japan Investment Meet 2026: यामानाशी से यूपी को 600 करोड़ का MSME फंड

UP Japan Investment Meet 2026





लखनऊ। उत्तर प्रदेश और जापान के यामानाशी प्रीफेक्चर के बीच आर्थिक, औद्योगिक और सांस्कृतिक सहयोग को नई गति मिलती दिखाई दे रही है। यामानाशी के गवर्नर कोतारो नागासाकी के नेतृत्व में आए जापानी प्रतिनिधिमंडल के लखनऊ दौरे के दौरान निवेश, MSME, पर्यटन, कृषि, स्वास्थ्य, तकनीक और ऊर्जा समेत कई क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित UP-Japan Investment Meet 2026 में उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, ODOP उत्पादों, स्टार्टअप, तकनीक, शिक्षा और निवेश की संभावनाओं को प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम में जापानी कंपनियों और संस्थानों के साथ IIT कानपुर, IIT-BHU और AKTU सहित विभिन्न संस्थानों ने अपनी क्षमताओं और संभावनाओं को सामने रखा।

यामानाशी से यूपी के MSME सेक्टर को बड़ा सहयोग

यामानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर कोतारो नागासाकी ने उत्तर प्रदेश में निवेश करने वाली यामानाशी की MSME कंपनियों के लिए 600 करोड़ रुपये के फंड की घोषणा की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे उत्तर प्रदेश में जापानी उद्योगों के बढ़ते भरोसे का महत्वपूर्ण संकेत बताया।

इसके साथ ही निवेश से जुड़े मामलों में बेहतर समन्वय के लिए Invest UP में Yamanashi Desk स्थापित करने की बात भी सामने आई है। निवेश परियोजनाओं, उद्योगों की आवश्यकताओं, अनुमोदन और सामने आने वाली चुनौतियों की नियमित समीक्षा की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।

पर्यटन और बौद्ध सर्किट पर विशेष जोर

उत्तर प्रदेश और यामानाशी के बीच पर्यटन सहयोग को लेकर भी महत्वपूर्ण पहल हुई है। दोनों पक्षों ने पर्यटन क्षेत्र में सहयोग के लिए MoU किया है, जिसमें बौद्ध, आध्यात्मिक और वेलनेस पर्यटन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है।

उत्तर प्रदेश की कोशिश जापान से आने वाले पर्यटकों को सारनाथ, कुशीनगर और श्रावस्ती जैसे बौद्ध स्थलों से जोड़ने की है। संयुक्त प्रचार, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और पर्यटन से जुड़े उद्योगों के बीच सहयोग को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

ग्रीन हाइड्रोजन में भी सहयोग

भारत और जापान के बीच उभरते स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग की दिशा में भी कदम बढ़ाया गया है। उत्तर प्रदेश और जापानी प्रतिनिधिमंडल के बीच ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग, क्षमता निर्माण और निवेश की संभावनाओं को लेकर MoU हुआ।

इस क्षेत्र में तकनीक, अनुसंधान और निवेश को आगे बढ़ाने के लिए IIT कानपुर और IIT-BHU जैसे संस्थानों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है।

विधानसभा स्तर पर भी समझौता

उत्तर प्रदेश विधानसभा और यामानाशी प्रीफेक्चरल असेंबली के बीच भी सहयोग को लेकर समझौता हुआ। इसका उद्देश्य दोनों विधानसभाओं के बीच नियमित संवाद, अनुभवों के आदान-प्रदान और आपसी संबंधों को मजबूत करना है।

शिक्षा और युवा संवाद भी बना आकर्षण

जापानी प्रतिनिधिमंडल के दौरे में शिक्षा और युवा आदान-प्रदान को भी जगह मिली। जापानी छात्रों और उत्तर प्रदेश के विद्यार्थियों के बीच संवाद तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान के कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके अलावा जापानी प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश की महिला सुरक्षा व्यवस्था और 1090 महिला हेल्पलाइन की तकनीक आधारित कार्यप्रणाली को भी समझा।

निवेश से रोजगार तक पहुंचाने की तैयारी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश और जापान का सहयोग केवल निवेश तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे उत्पादन, निर्यात और रोजगार से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ाया जाना चाहिए। सरकार जापानी कंपनियों की जरूरतों के अनुरूप युवाओं को तकनीकी और रोजगारपरक प्रशिक्षण देने पर भी जोर दे रही है।

कुल मिलाकर यामानाशी प्रतिनिधिमंडल का उत्तर प्रदेश दौरा निवेश, MSME, तकनीक, पर्यटन, स्वच्छ ऊर्जा, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में भारत-जापान सहयोग को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है।

सत्यबन्धु भारत | लखनऊ