लेटेस्ट खेल समाचार कोरोना देश राज्य क्राइम बिजनेस दुनिया नॉलेज ऑटो दुर्घटना ट्रेंडिंग लाइफ स्टाइल धर्म करियर टेक मनोरंजन

परिवार और मित्रो संग रहें कभी नहीं होगा तनाव: आशुतोष शुक्ल

 


लखनऊ विश्विद्यालय के सामाज कार्य विभाग में मानसिक स्वास्थ्य पर सेमिनार, विशेषज्ञों ने किया जागरूक


संवाददाता, लखनऊ।  उम्र और अनुभव जो सिखाएगा, वो कोई और नहीं सिखा सकता। आप से अधिक अनुभवी आपके माता- पिता हैं। वे आपके लिए गलत निर्णय नहीं लेंगे। उन पर भरोसा करिए। परिवार और मित्रों के साथ रहिए, क्योंकि इससे आपको तनाव नहीं होगा। मोबाइल की दुनिया में खोए रहेंगे तो खुद से दूर होते जाएंगे। यह सार है लखनऊ विश्वविद्यालय (लवि) के समाज कार्य विभाग में बुधवार को आयोजित सेमिनार का। चैतन्य वेलफेयर फाउंडेशन, हैप्पी थिंकिंग लैब व समाज कार्य विभाग लवि की ओर से आयोजित सेमिनार में फैक्टर्स एफेक्टिंग मेंटल हेल्थ आफ द स्टूडेंट एंड पैरेंट्स विषय पर वक्ताओं ने विचार रखे।



मुख्य वक्ता संपादक, दैनिक जागरण (उत्तर प्रदेश) आशुतोष शुक्ल ने कहा कि शिक्षा ग्रहण करने की कोई उम्र नहीं होती। जब तक आप अपनी दृष्टि को विकसित नहीं करेंगे, तब तक नहीं सीखेंगे। आपसे अधिक स्मार्ट आपकी पिछली पीढ़ी थी, इसे समझिए। परिवार पर भरोसा करिए दोस्तों से मिलिए खूब संवाद करिए। गूगल पर पढ़ने के बजाय किताबें पढ़िए स्वतंत्रता और स्वच्छता का अंतर भी समझिए अधिकार से पहले अपने कर्तव्यों को पहचानिए। उन्होंने एक दृष्टांत के जरिए इंद्रियों के दमन, दान और दया का सबक भी दिया। इससे पहले निदेशक हैप्पी थिंकिंग लैब डा. मैत्रेयी प्रियदर्शिनी ने भी संवाद दिया। कहा, संवादहीनता आज बड़ी परेशानी है। लोग आपस में बात नहीं करते। इसीलिए तनाव में रहते हैं। फिटनेस एक्सपर्ट संदीप आहूजा ने कई दृष्टांतों के जरिए बताया कि लक्ष्य तय करें और जो बनना है उसके लिए दिन-रात सोचों जितना फेल होंगे, उतना ही सीखेंगे गायनीकोलाजिस्ट डा प्रीति वत्सल ने मोनोपाज वाली उम्र की महिलाओं और युवा बेटे-बेटियों की विशेष देखभाल करने की सलाह दी। काम कि यह ऐसी उम्र होती है, जब के साथ उसके बच्चे के हार्मोन परिवर्तन होता है। ऐसे में पुरुषों चाहिए बच्चे के साथ ही पत्नी का ध्यान रखें। उन्हें मानसिक रूप मजबूत बनाएं। अध्यक्षीय उद्बोधन समाजकार्य विभाग के प्रमुख प्रो अनूप भारतीय ने दिया।



मनोविज्ञानी डा. मधु पाठक, चैतन्य वेलफेयर फाउंडेशन की सचिव ओम सिंह, प्रो. राजकुमार सिंह ने भी विचार व्यक्त किए। संचालन पवन कुमार सिंह ने किया। इस दौरान फाउंडेशन की ओर से रागिनी दीक्षित और भूमिका सिन्हा को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।