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25 बर्षों में पूरी दबंगई से तालाबों का नामोनिशान मिटाने का आरोप

 



रिद्धि सिद्धि कल्याण समिति ने नगरपालिका शाहाबाद में तालाबों को खोजे जाने के संबंध में दिया ज्ञापन





शाहाबाद,हरदोई। नगर पालिका मे गुम हुये 2 दर्जन तालाबों का पालिका प्रशासन ने अस्तित्व ही खत्म कर दिया। राजस्व अभिलेखों में कुल 28  तालाब के रूप में दर्ज है। तालाबों को खत्म करने में राजस्व विभाग और पालिका प्रशासन एवं चेयरमैन की भूमिका से इनकार नही किया जा सकता है। तालाबों पर बाकायदा मकान बनवाकर उन्हें मकान नंबर भी आवंटित कर दिया गया है। राजस्व विभाग,नगर पालिका और अध्यक्ष की तिकड़ी ने मिलकर तालाबों का अस्तित्व पूर्ण रूप से समाप्त कर दिया। नगर में अभी 4 बड़े तालाब बचे हुये है उनपर भी लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है। पिछले 25 सालों से अध्यक्ष ने अपनी दबंगई के चलते 2 दर्जन तालाबों का अस्तित्व मिटा दिया। जबकि देश के प्रधानमंत्री द्वारा देश में प्रचलित तालाबों को अमृत सरोवर के रूप में विकसित कराया जा रहा है लेकिन नगरपालिका के ईओ रामरतन अम्बेश ओर राजस्व कर्मचारियों द्वारा नगर पालिका में एक भी तालाब को अमृत सरोवर का नाम नहीं दिया गया। क्योंकि यहां धरातल पर कोई भी तालाब उपलब्ध नहीं है।ज्ञापन में कहा गया है कि यहां पर अमृत सरोवर बनाने लायक कई तालाब थे। राजस्व विभाग की ओर से   गूगल मैप में मैपिंग करते समय सभी तालाबों की फोटो फर्जी लगाकर उनको तालाब दिखाया गया जबकि वहां पर कोई भी तालाब वर्तमान में धरातल पर नहीं है क्योंकि वहां पर पक्के मकान बने हुए हैं। ज्ञापन में राजस्व विभाग को तालाब को खोजकर उनको उनके वास्तविक स्वरूप दिए जाने की मांग की गई है।