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घर बैठकर दी जा रही है शिक्षा, घर बैठकर वेतन लेने का शिक्षक पर आरोप



लखीमपुर खीरी। बेसिक शिक्षा अधिकारी की सैकड़ों कोशिश के बावजूद बेसिक विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था पटरी से उतरती नजर आ रही है। आंकड़ों में बच्चों की संख्या भले ही बढ़ाकर शासन को रिपोर्ट भेजी ज रही है। वास्तविकता परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की लापरवाही से बच्चे विद्यालयों नही जा रहे ।


कुछ विद्यालयों के शिक्षक खंड शिक्षा अधिकारी की सांठगांठ से घर बैठकर वेतन ले रहे हैं। शिक्षकों के विद्यालय न जाने पर बच्चे भी स्कूल नहीं जा रहे हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी लक्ष्मी कांत पांडे कई शिक्षकों पर कार्रवाई कर चुके हैं फिर भी शिक्षा व्यवस्था पटरी पर आने का नाम नहीं ले रही है. 


ऊची पहुंच के चलते शिक्षक अपनी हरकत से बाज नहीं आ रहे हैं। ब्लॉक रमिया बेहड़ के उच्च प्राथमिक विद्यालय कंचनपुर की प्रधानाध्यापक निशी यादव पर वित्तीय अनियमितता तो विद्यालय के दूसरे शिक्षक अभिनव चौधरी पर घर बैठकर खंड शिक्षा अधिकारी की सांठगांठ से वेतन लेने का शिकायतकर्ता ने गंभीर आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ने खंड शिक्षा अधिकारी रमिया बेहड़ पर 10 हजार रुपए रिश्वत लेने का आरोप


शिकायत के बावजूद नहीं हुई कारवाई


शिकायतकर्ता नाजिम अली निवासी ग्राम कंचनपुर सेमरी ब्लॉक रमिया बेहड़ ने महानिदेशक स्कूली शिक्षा को शिकायती पत्र भेजकर लिखा है, कि उच्च प्राथमिक विद्यालय कंचनपुर ब्लॉक रमिया बेहड़ में कार्यरत प्रधानाध्यापक निशी यादव के द्वारा विद्यालय में अनियमियता की जा रही है। अध्यापक अभिनव चौधरी ज्यादातर अपने घर रह कर नौकरी कर रहे हैं। गत माह सितंबर 2022 में शिक्षक उपस्थित पंजिका में चिकित्सा अवकाश अंकित कर अपने घर चले गए बगैर अवकाश स्वीकृत के पूरे माह का वेतन खंड शिक्षा अधिकारी की सांठगांठ से ले लिया। नाजिम ने खंड शिक्षा अधिकारी पर आरोप लगाया है, कि विद्यालय न पढ़ाने वाले शिक्षकों से 10 हजार रुपए महिना रिश्वत ली जा रही है।


इस संदर्भ में हृदयशंकर लाल श्रीवास्तव खण्ड शिक्षा अधिकारी रमियाबेहड़ ने बताया कि एक अक्टूबर 2022 को विद्यालय में, जांच करने गए थे, अनुपस्थित मिलने पर वेतन रोक दिया गया है। जानकारी मिली है कि शिक्षक ब्लड कैंसर से पीड़ित है, स्पष्टीकरण व मेडिकल रिपोर्ट मांगी गई है। रिश्वत मांगने का आरोप निराधार है। बीएसए के संज्ञान में पूरा प्रकरण है ।