बाराबंकी. रुद्र अर्थात भूतभावन शिव का अभिषेक। शिव और रुद्र परस्पर एक-दूसरे के पर्यायवाची हैं। शिव को ही 'रुद्र' कहा जाता है, क्योंकि रुतम्-दु:खम्, द्रावयति-नाशयतीतिरुद्र: यानी कि भोले सभी दु:खों को नष्ट कर देते हैं। इसी भोलेनाथ की महिमा को ध्यान में रखते हुए सत्यबन्धु भारत दैनिक समाचार पत्र द्वारा अनवरत रुद्राभिषेक चतुर्भुज मंदिर रामपुर, जाहगीराबाद, मे संयोजित किया गया. इस पावन स्थान पर परिवार सहित पहुची डा माधवी त्रिपाठी ने शिव अर्चना के पूर्व मंदिर प्रांगण में फ़लदार पौधे लगाये.
इस अवसर पर डा माधवी त्रिपाठी के साथ लक्ष्मण त्रिपाठी, सूरज उपाध्याय, शुभा उपाध्याय, सत्यबन्धु भारत के प्रधान सम्पादक संतोष कुमार, अध्यक्ष चतुर्भुज मंदिर आनंद मोहन भी उपस्थित रहे.
पौधरोपड के बाद रुद्राभिषेक का पूजन विधि विधान से पंडित सीताराम दीक्षित ने सम्पन्न किया.
कार्यक्रम सह संयोजक प्रेम विश्वकर्मा ने बताया कि सत्यबन्धु भारत द्वारा पूरे सावन माह रुद्राभिषेक एवं 4 अगस्त से 10 अगस्त तक शिव पुराण का आयोजन किया गया जिसमें लखनऊ और आस पास के शहरो से सैकड़ों की संख्या में इस पावन स्थल पर भक्तो ने शिव अर्चना की और भगवान चतुर्भुज का आशीर्वाद प्राप्त किया.



