लखनऊ. उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री की सख्ती के बावजूद उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के तमाम अफसरों ने अपनी कार्यप्रणाली नहीं बदली है। ताजा उदाहरण इटावा जोन के महाप्रबंधक मणीकांत अग्रवाल के खिलाफ सामने आया है जिसमें अखिल भारतीय भ्रष्टाचार विरोधी एवं समाज पुनर्निर्माण समिति उत्तर प्रदेश ने गम्भीर आरोप लगाये हैं.
समिति ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में शिकायत की है कि भ्रष्टाचार और लापरवाही का ही नतीजा है कि इटावा जोन के सैफई में 500 बेड के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और 300 बेड के महिला हास्पिटल का निर्माण अधर में है। स्वास्थ्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है पर बेईमान और लापरवाह अफसर जनता से जुड़ी स्वास्थ्य परियोजना से भी खिलवाड़ कर रहे हैं। शिकायत पत्र में मुख्यमंत्री को लिखा गया कि अवगत करा दें कि इन लापरवाह महाप्रबंधक की कार्यशैली के चलते उत्तर प्रदेश सरकार की तमाम अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी बेहद विलम्ब हो चुका है पर इन लापरवाह महाप्रबन्धक मणीकांत अग्रवाल की कार्यशैली कतई नहीं बदली है। स्थिति यह है इटावा जोन के सैफई में 500 बेड के सुपर
स्पेशियलिटी अस्पताल और 300 बेड के महिला हास्पिटल का निर्माण अधर में है पर पता नहीं क्यों निगम प्रबंधन ऐसे लापरवाह अफसरों के खिलाफ कार्यवाही से बच रहा है। अफसर के कारण ही सरकार की तमाम महत्वपूर्ण परियोजनाओं में भी संकट के बादल छाए हुए हैं और तमाम योजनाएं निर्धारित समय पूरा होने के बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। संस्था द्वारा इन आरोपों की जांच गम्भीरता से कराये जाने की मांग की है. संस्था ने आगे पत्र में लिखा कि उत्तर प्रदेश में सरकार बदलने के बाद भी महाप्रबंधक मणीकांत अग्रवाल की बेअंदाज कार्यशैली नहीं बदली है। इससे पहले भी पूर्ववर्ती अखिलेश सरकार के वक्त भी निर्माण कार्यो में मनमानी के बाद भी ये अफसर इसलिए बचे रहे क्योंकि तत्कालीन प्रबंध निदेशक आर०के० गोयल के काफी करीबी थे। जनता से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजना लम्बे समय से अधर में लटके होने के बाद भी सालों से जमें इटावा जोन के ताकतवर महाप्रबन्धक पर कोई कार्यवाही नहीं हुयी. संस्था द्वारा यह भी लिखा गया कि अब तक अपनी पूरी नौकरी इटावा जोन और इससे सटे आगरा जोन में गुजार देने वाले यह अफसर अपने आप को मौजूदा प्रबन्ध निर्देशक सत्यप्रकाश सिंघल का रिश्तेदार बताते हैं।
संस्था ने मुख्यमंत्री से तत्कालीन महाप्रबन्धक के पूरे कार्यकाल की जांच कराकर उचित कार्यवाही कराने का अनुरोध किया गया है


