बाराबंकी : ग्रासरूट फाउंडेशन द्वारा 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गोष्ठी एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन ग्राम भानमऊ, जिला बाराबंकी स्थित मौन पालन एवं मधु प्रसंस्करण क्लस्टर के सीएफ़सी प्रांगण में किया गया। कार्यक्रम में मौन पालन एवं मधु प्रसंस्करण क्लस्टर, बाराबंकी से जुड़े लगभग 65 मौन पालकों ने भाग लिया। यह क्लस्टर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार की स्फूर्ति योजनांतरगत ग्रासरूट फाउंडेशन द्वारा संचालित किया जा रहा है।
कार्यक्रम में ग्रासरूट फाउंडेशन की सीडीई सुश्री सिमरनजीत कौर, मौन विशेषज्ञ श्री बलराम मिश्रा, फील्ड कार्यकर्ता श्री सर्वेश वर्मा, एवं मौन पालक उपस्थित थे। कार्यक्रम में उपस्थित श्री बलराम मिश्रा ने बताया कि मौन पालन के लिए आसपास के इलाके में पेड़, फूल, फल आदि का होना अच्छा होता है। शहद हेतु कच्चा माल इन्हीं फूलों से परागकण के रूप में मुफ्त में उपलब्ध होता है। उन्होने आगे बताया धरती पर पेड़ पौधे बहुत ही जरूरी है यह पर्यावरण को शुद्ध रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ प्रदान करते हैं, जीव जंतुओं को आश्रय देते हैं। अगर हम जीविकोपार्जन हेतु मधुमक्खियों पर निर्भर हैं तो मधुमक्खियां इन पर निर्भर है।
ग्रासरूट फाउंडेशन की सीडीई सुश्री सिमरनजीत कौर ने इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों को शपथ दिलाई कि हर व्यक्ति अपने आसपास लोगों को अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाने व पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक करेगा, वर्ष में एक वृक्ष और घर के आस-पास के खाली स्थान में फूलों के पौधे अवश्य लगाएगा। इस अवसर पर छायादार, फूलवाले व फलदार पेड़ यथा अशोक, सहजन, आम, अमरूद, तुलसी, जामुन, कदंब आदि के पेड़ लगाए गए।


