मध्य प्रदेश के गुना जिले में वन्य जीवों के शिकारियों से मुठभेड़ में 3 पुलिसकर्मी बलिदान हो गए हैं। बलिदानियों में एक सब इंस्पेक्टर और 2 कॉन्स्टेबल शामिल हैं। शिकारियों द्वारा काले हिरन के शिकार की सूचना पर मध्य प्रदेश पुलिस घटनास्थल पर गई थी।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता और विधायक राम दांगोरे के मुताबिक पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए नौशाद खान नाम के एक आरोपित को मार गिराया है। शिकारियों ने शुक्रवार (13 मई 2022) को पुलिसकर्मियों पर हमला कर इस घटना को अंजाम दिया था।
मध्य प्रदेश के एक अन्य भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोपित नौशाद खान के मारे जाने का ट्वीट किया है। घटनास्थल से पुलिसकर्मियों के शवों के अलावा राष्ट्रीय पक्षी मोर और हिरन के मृत शरीर क्षत-विक्षत हालत में मिले हैं। बलिदान हुए पुलिसकर्मियों के नाम सब इंस्पेक्टर राजकुमार जाटव, कॉन्स्टेबल नीरज भार्गव और सिपाही संतराम हैं।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एलान किया है कि आरोपितों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी, जो इतिहास बनेगी। मुख्यमंत्री ने कहा, “अपराधियों की लगभग पहचान हो गई। जाँच चल रही है। पुलिस फोर्स को भेजा गया है। अपराधी किसी भी कीमत पर नहीं बचेंगे।”
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी घोषणा के मुताबिक बलिदान पुलिसकर्मियों में से प्रत्येक के परिवार को 1 करोड़ रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। साथ ही उनके परिवार के 1-1 सदस्य को सरकारी नौकरी भी मिलेगी। बलिदानी पुलिसकर्मियों का राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार भी किया जाएगा। घटनास्थल पर देरी से पहुँचने वाले IG को सरकार ने हटा दिया है।
इससे पहले मध्य प्रदेश के गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने घटना की जानकारी देते हुए बताया, “गुना जिले के आरोन थाना क्षेत्र में 7-8 मोटरसाइकिल सवार बदमाशों की सूचना पुलिस को मिली थी। पुलिस ने बदमाशों को चारों तरफ से घेर लिया। जिस पर बदमाशों ने फायरिंग शुरु कर दी। जिसमें पुलिस परिवार के जाबाँज एसआई राजकुमार जाटव, हवलदार नीलेश भार्गव और सिपाही संतराम जी की मौत हो गई।”

