सत्यबन्धु भारत
शाहाबाद,हरदोई। मुख्यमंत्री सख्त तेवरों के अनुपालन में एआरटीओ ने कस्बा शाहाबाद आकर दिल्ली तक जाने वाली डग्गामार बस कोशिश कर कार्रवाई की है वही ओवरलोडेड ट्रालियों का भी चालान कर दिया।
बताते चलें कि कस्बे से दिल्ली तक डग्गामार बसों को लेकर हरकत में आये एआरटीओ ने अवैध रूप से दिल्ली जाने वाली एक डग्गामार बस को पकड़कर सीज कर दिया।जिससे डग्गामार वाहन संचालकों में खलबली मची हुई है।कस्बे से दिल्ली तक जाने वाले डग्गामार वाहन जहां सरकार को राजस्व का चूना लगा रहे हैं वहीं परिवहन विभाग को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। हरदोई से दिल्ली तक चल रही यह डग्गामार बसें व कारे शाहाबाद बस अड्डा पर पहुंचती हैं तो यहाँ पर रोडवेज की सवारियों को इन्ही डग्गामार बसों में सवारी करने के लिए विवश किया जाता है।इसके लिए सीधे तौर पर डग्गामार बस संचालक और प्रशासन जिम्मेदार है।जिससे रोजाना चार से पांच हजार रुपए की बसूली भी होती थी।इसके अलावा क्षेत्र के टूर्मुकी गांव से भी दिल्ली को जाने वाली डग्गामार बसों से भी सवारियों को ढोया जाता है।यह डग्गामार बसें सरकारी नियमों को ताक पर रखकर मलाई काट रहे हैं।डग्गामार बसों के संचालन में एआरटीओ की भूमिका से इनकार नही किया जा सकता है।जो इन डग्गामार वाहनों को रोकने की जहमत नहीं उठा रहा है।सूत्रों की माने तो परिवहन विभाग को भी यह डग्गामार बसों के संचालकों द्वारा महीने में मोटी रकम पहुंचती है। कई बार परिवहन विभाग से डग्गामार वाहनों के संचालन करने की शिकायते की जाती रहीं हैं। फिर भी परिवहन विभाग के अधिकारी पल्ला झाड़ लेते हैं।पल्ला झाड़ भी क्यों न ले जब महीने में मोटा चढ़ावा इन्ही डग्गामार बस संचालकों द्वारा परिवहन विभाग भेज दिया जाता है। एकदिन पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक ऐसा आदेश जारी कर दिया कि 48 घण्टे के अंदर सभी डग्गामार वाहनों को बंद कराया जाये और उनपर कड़ी कार्यवाही की जाए।

