सत्यबन्धु भारत, संतोष पांडेय
आत्मा अजर अमर है आत्मा को नष्ट नहीं किया जा सकता
लखनऊ, बीकेटी। एस आर ग्रुप के चेयरमैन और सीतापुर के एम एल सी पवन सिंह चौहान के आवास जानकीपुरम लखनऊ में ऋग्वेदीय पूर्वाम्नाय श्रीगोवर्धनपीठ पुरिपीठाधीश्वर श्री शंकराचार्य स्वामी श्री निश्लानंद सरस्वती जी के दो दिवसीय कार्यक्रम में दूसरे दिन महाराज ने प्रातः 5 बजे से 11 बजे तक नारायण पादुका का पूजन किया जिसमे उनके सहयोगी दांडी जी, सुरेश सिंह, प्रेम चंद्र झा के साथ सुबह 11:30 बजे से 1 बजे तक अध्यात्म पर प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया। हजारों की संख्या में आए हुए भक्तों की जिज्ञासाओं को श्री शंकराचार्य ने शांत किया।
धर्मसभा में भक्तगणों ने ऋग्वेदीय पूर्वाम्नाय श्रीगोवर्धनपीठ- पुरिपीठाधीश्वर श्री शंकराचार्य स्वामी श्री निश्रानंद सरस्वती जी से अपने अपने प्रश्न किये। हिन्दू धर्म, राष्ट्र और जीवन जैसे विषयों पे भक्तो ने प्रश्न किये।
मृत्यु अटल सत्य है पर मनुष्य इसे जानकर भी अनजान क्यों बना रहता है? इस प्रश्न पे महाराज जी ने बहुत ही सरल तरीके से कहा कि जातस्य हि ध्रुवो मृत्युध्रुर्वं जन्म मृतस्य च तस्मादपरिहायेर्थे न शोचितुमर्हसि । अर्थातः जिसने जन्म लिया है उसकी मृत्यु निश्चित है और मृत्यु के बाद पुनर्जन्म भी निश्चित है। अतः अपने अपरिहार्य कर्तव्यपालन में तुम्हें शोक नहीं करना चाहिए।
नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैन दहति पावकः । न चैनं क्लेदयन्त्यापो न शोषयति मारुतः ।।
अर्थातः यह आत्मा न तो कभी शस्त्र द्वारा खण्ड खण्ड की जा सकती है, न अग्नि द्वारा जलाया जा सकता है, न जल द्वारा भिगोया या वायु द्वारा सुखाया जा सकता है। आत्मा अमर है। एक अन्य प्रश्न आया कि हिंदुत्व की रक्षा के लिए आम नागरिक क्या करे? इस प्रश्न का उत्तर महाराज जी ने दिया कि हिन्दुत्व की रक्षा के लिए अब जागरूक होना होगा। सभी हिन्दुओं को जातिगत तथा दलगत भावना से ऊपर उठकर सनातन धर्म की रक्षा एवं समाज व राष्ट्रहित के लिए एकता के साथ त्वं एकसूत्र में बंधना होगा। इसी तरह सभी भक्तों ने अपने-अपने प्रश्न किये और महाराज जी ने सभी भक्तों के प्रश्नों के उत्तर दिए। इस कार्यक्रम में पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, पूर्व विधायक रामपाल यादव, बीकेटी विधायक योगेश शुक्ल, बीकेटी चैयरमैन अरुण सिंह गप्पू सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष शिवकुमार गुप्ता ( प्रतिनिधि), ने धर्म के व्याख्यान को सुना और धारण किया।
एम एल सी पवन सिंह चौहान ने आये हुए सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।




