सत्यबन्धु भारत
शाहाबाद,हरदोई। सौंदर्यीकरण के लिहाज से कस्बे के दो मुख्य स्थानों पर नगर पालिका द्वारा गोलाकार आकृति में फब्बारा लगाये गये थे। इनका शुभारंभ तत्कालीन डीएम पुलकित खरे द्वारा किया गया था। उस दिन से यह फब्बारे नगर की शान शौकत बढ़ाते रहे लेकिन कुछ ही समय में रखरखाव और देखरेख के अभाव में इन फब्बारों की शान शौकत कम होती चली गई। जिस कारण यह महज शोपीस बनकर रह गए हैं। बताते चलें कि शाहाबाद की तत्कालीन एसडीएम श्रद्धा शाण्डिल्यन के समय में शाहाबाद नगर पालिका को स्वच्छता के मामले में प्रदेश में छठवां स्थान प्राप्त हुआ था। इसी को देखते हुए तत्कालीन डीएम द्वारा नगर में बड़ी-बड़ी लाइटे तथा बस स्टैंड व पाली तिराहा पर फब्बारे लगाए गए थे। जो बाकायदा शाम होते ही माहौल को गुलजार करते थे। इनमें रंगीन लाईटें और झर झर करतीं पानी की फुहार लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर लेती थी। समय बीता और इन फब्बारों की असलियत खुलकर सामने आ गई। जबकि इन फब्बारों को लेकर नगर पालिका द्वारा भारी लागत से तैयार कराया गया था। कुछ ही माह बाद यह महज शोपीस बन कर रह गए हैं। इस संबंध में जब ईओ से जानकारी चाही गई तो उन्होंने बताया कि मीडिया की ओर से दिया गया यह सुझाव सही है इसलिए उनको ठीक करा कर पुनः चालू कराया जाएगा,लेकिन एक सप्ताह से ज्यादा समय बीत जाने के बाबजूद पालिका प्रशासन ने इन्हें चालू कराना उचित नही समझा।

