अंतरराष्ट्रीय शब्द सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत , पत्रकार व समाजसेवी द्विवेदी अरविन्द चन्दन को दिल्ली में भारत भारत रत्न सम्मान प्रतीक से किया गया सम्मानित
भारत के भारतरत्न विभूतियों पर अंतरराष्ट्रीय काव्य ग्रन्थ का लोकार्पण एवं सम्मान समारोह 15 मई रविवार को हिन्दी भवन दिल्ली में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के अध्यक्ष पदमश्री डॉ श्याम सिंह 'शशि' अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त साहित्यकार,दिल्ली , मुख्य अतिथि
श्री सुरेश चव्हाणके अध्यक्ष, प्रबन्ध निदेशक एवं एडिटर इन चीफ सुदर्शन न्यूज चैनल ,विशिष्ट अतिथि डॉ हरीसिंह पाल महामंत्री नागरी लिपि परिषद ,दिल्ली, विशिष्ट अतिथि
डॉ जीतराम भट्ट सचिव हिन्दी अकादमी ,दिल्ली, विशिष्ट अतिथि
डॉ इंदिरा मोहन अध्यक्ष दिल्ली हिन्दी साहित्य सम्मेलन सम्पादक एवं संचालक डॉ राजीव कुमार पाण्डेय संस्थापक एवं अध्यक्ष गाजियाबाद, संकलन कर्ता व संयोजक ओंकार त्रिपाठी महासचिव दिल्ली ने मंच को सुशोभित किया।
इस क्रम में मीडिया का उत्कृष्ट करने पर डॉ राजीव पांडे, संस्थापक, ओंकार त्रिपाठी महासचिव एवं अनुपमा पांडे भारतीय कोषाध्यक्ष के द्वारा सम्मान प्रतीक, पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया,
द्विवेदी अरविन्द चन्दन समाजसेवी व पत्रकारिता में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं,इन्हे लॉकडाउन के समय जरूरतमंद लोगों के बीच जाकर राशन सैनिटाइजर मास्क , पानी बिस्किट आदि बाटा था और भी कई तरह के सोशल एक्टिविटी मैं हाथ बटाया, इस पर कई संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया गया था
द्विवेदी अरविन्द ने बताया कि आज उनको इतनी बड़ी स्टेज पर से सम्मानित किया गया है वह बहुत गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं, वो सभी को तहे दिल से आभार प्रकट करते है
अंतरराष्ट्रीय काव्य संग्रह 'भारत के भारत रत्न' का भव्य लोकार्पण समारोह जब संपन्न हुआ उसमें देश विदेश 150 से अधिक साहित्यकार सम्मलित हुए।
भारत रत्न महोत्सव को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है जिसमें 301 कवियों ने भारत रत्न विजेताओं पर ऑनलाइन काव्यपाठ किया था, उन्ही कवियों में से देश विदेश के चयनित 215 कवियों की रचनाओं को स्थान दिया गया है।
इस ग्रन्थ में सम्पादन एवं संकलन की भूमिका अंतरराष्ट्रीय शब्द सृजन के अध्यक्ष डॉ राजीव कुमार पाण्डेय एवं महासचिव ओंकार त्रिपाठी ने निभाई है।
हिंदी साहित्य के इतिहास में पहली बार भारत रत्न प्राप्त विभूतियों को एक स्थान पर काव्य ग्रंथ के रूप में समेकित कर विश्व कीर्तिमान स्थापित किया गया है। इस काव्य ग्रंथ में अमेरिका, इंग्लैंड, नाइजीरिया, नेपाल, संयुक्त अरब अमीरात, कुबैत,अफ्रीका,कनाडा,इंडोनेशिया, दोहा क़तर,ऑस्ट्रेलिया, आदि देशों सहित भारत के विभिन्न प्रांतों के रचनाकारों को स्थान दिया गया है।
इस ऐतिहासिक पल को यादगार बनाने के लिये संपूर्ण विश्व से रचनाकार पधारे व कार्यक्रम को सफल बनाया।

