लखनऊ. दिनांक 4 श्री हरि कथा सत्संग समिति द्वारा गीत संगीत कार्यक्रम किया गया जिसमें एकल अभियान द्वारा श्री राम जन्मोत्सव के अवसर पर चैत्र शुक्ल नवमी 10 अप्रैल 2022को आयोजित की जाने वाली भगवा यात्रा की तैयारी के लिए नगर के विभिन्न स्थानों पर तैयारियां जोर-शोर से चल रही है जिसमें एक अभियान संगठन विचारधारा परिवार के लोग लगे हुए हैं एकल अभियान के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री माधवेंद्र सिंह ने बताया की एकल अभियान के आधारभूत 5 स्तंभ है प्राथमिक शिक्षा, आरोग्य शिक्षा, ग्रामोत्थान शिक्षा ,जन जागरण शिक्षा व संस्कार शिक्षा
संस्कार शिक्षा के अंतर्गत श्री हरि व्यास कथाकार व श्री हरि रथ योजना संचालित की जाती है जिसमे गिरिवासी आदिवासी वनवासी लोगो को दैनिक सत्संग व रथ के माध्यम से सुदूर क्षेत्रों में सनातन संस्कृति के संस्कारों से अवगत कराया व जोड़ा जाता है । वर्तमान में एकल अभियान के ऐसे 56 रथ संचालित हो रहे है।
श्री राम नवमी के अवसर पर 57वे रथ का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ द्वारा अलीगंज नया हनुमान मंदिर में सांय 4 बजे होना सुनिश्चित हुआ है इसके पश्चात अलीगंज नया हनुमान मंदिर से भगवा यात्रा निकाली जाएगी जो नगर के विभिन्न मार्गो से होते हुए झूले लाल पार्क निकट विश्वविद्यालय पर पूर्ण होगी। इस यात्रा में सभी सनातनियो को अपने परिवार व इष्ट मित्रों के सम्मलित होने का निवेदन किया गया।
इस यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए माधवेंद्र सिंह विभिन्न विभागों के दायित्व का निम्न कार्यकर्ताओं को दिया इस बैठक में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे केंद्रीय प्रभारी डॉ वीरेंद्र सिंह, नगर सज्जा धीरज भारद्वाज, मातृशक्ति संपर्क दुर्गेश त्रिपाठी, शिप्रा गुप्ता, रचना चतुर्वेदी, पश्चिम जिला संयोजक पूनम तिवारी, रुचि पांडे, धर्मस्थल संपर्क प्रमुख सुशील जैन, प्रचार प्रसार अखिलेश्वर नाथ पांडे,और जिससे सभी की भागीदारी भगवा यात्रा में सुनिश्चित हो सके।
एकल अभियान एक लंबी वृतांत है 33 वर्षों की लम्बी यात्रा में एकल अभियान ने भारत वर्ष के लाखों गांवों में स्वाभिमान जगाकर उनके सशक्तिकरण का प्रयत्न किया है। ग्राम विकास किए बिना राष्ट्र का विकास संभव नहीं है, अर्थात गांव का विकास होना अति आवश्यक है। शिक्षा के साथ-साथ उनका सर्वांगीण विकास हो और ग्राम स्वराज में उनके बुनियादी दायित्व एवं अधिकारों का भी उन्हें संज्ञान हो, इसका प्रशिक्षण दिया जाता है। इस हेतु एकल अभियान के ग्राम जागरण शिक्षा के अंतर्गत उन्हें ग्राम स्वराज का संकल्प कराया जाता है, जिसका अर्थ अपने गांव का विकास स्वयं करना है। आजादी के 70 वर्ष बाद भी गांव में मूलभूत आवश्यकताएं जैसे पीने का पानी, खेती की जमीन, विद्यालय, सड़क, बिजली से ग्रामवासी वंचित रहे। व्यवस्था पहुंची भी तो कागजों में, जमीन पर नहीं।
आज ग्रामवासियों में विकास के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। राजनेताओं से भी उनकी अपेक्षा बढ़ रही है। जागरण शिक्षा एवं ग्राम स्वराज संकल्प ग्रामवासी को एक जिम्मेदार नागरिक बनाने के लिए उनमें अपने गांव के विकास के लिए सोचने का साहस, समस्याओं से जूझने का साहस और सफल होने तक संघर्ष करने की हिम्मत प्रदान करता है। सरकारें आई और गई, गांव वहीं रह गए। नतीजा ग्रामवासी अपने गांव की सबसे कीमती प्राकृतिक संपदा, शुद्ध हवा, पानी, जमीन, पशुधन को छोड़कर शहर को पलायन कर रहे हैं, इनकी रक्षा तो ग्रामवासी ही करेगा। शराब की दुकान तो गांव में खोल देते हैं पर शिक्षा, स्वास्थ्य की सुविधा नहीं। एकल अभियान ने प्रत्येक गांव में 10 युवक और 10 युवतियों को ग्राम स्वराज सेनानी बनाकर उनको संकल्प कराया है कि अपने गांव का विकास वह स्वयं करेंगे। गांव को जगायेंगे, पंचायतों का सशक्तिकरण करेंगे और आगामी पांच वर्षों में यह संकल्प पूरा कर दिखायेंगे, यह एकल अभियान का लक्ष्य है।





