विविध सामाजिक रंगों की समरस्ता का प्रतीक है रंगों का पर्व- कैलाश मंथन
शराबखोरी, फूहड़ता, अश्लील नृत्यों ने किया होली का स्वरूप विकृत :रश्मि
लखनऊ । विराट हिन्दू उत्सव समिति, अंतर्राष्ट्रीय पुष्टिमार्गीय वैष्णव परिषद, चिंतन मंच, अंतर्राष्ट्रीय नि:शुल्क गीता प्रचार मिशन के तहत रंग पंचमी पर रंगारंग कार्यक्रमों के दौरान जमकर विविध रंगों, फूलों, अबीर, गुलाल की बरसात की गई। हिउस प्रमुख कैलाश मंथन के मुताबिक अंचल के प्राचीन तीर्थस्थलों, पर्यटन केंद्रों सहित परिवारों में रंगपंचमी पर रंगों का जश्न मनाया गया। प्राचीन स्थलों में 40 दिनों तक होली महोत्सव की पूर्णाहूति हुई। इस अवसर पर आयोजित होली मिलन समारोह कार्यक्रमों के बीच हिउस प्रमुख कैलाश मंथन ने कहा कि मानव जीवन में होली का त्यौहार विविध रंगों के मेल का पर्व है।गीता प्रचार मिशन उत्तर प्रदेश की संयोजक रश्मि मंथन ने कहा मानव जीवन के विषाद के बीच जीवन में विविध रंगों का समावेश होने के बाद खुशियां का प्रतीक है होली का पर्व।
घरों में मनाया गया रंग पंचमी का पर्व, बच्चों के साथ बड़ों ने खेली होली
हिउस के आव्हान पर बदलते परिवेश में कार्यकर्ताओं ने अपने परिवारों के साथ रंगपंचमी का पर्व मनाया। घरों में बड़ों ने बच्चों के साथ होली खेली। नारी शक्ति चिन्तन मंच यूपी की अध्यक्ष रश्मि मंथन ने पिछड़ी बस्तियों में जाकर गरीब बच्चों के साथ होली रंग पंचमी का त्यौहार मनाया ।मिठाई वितरण के साथ रंगों की होली खेली ।
रंगपंचमी पर कृष्ण भक्ति के रंग में डूबे होरी के रसिया
अंचल में रंगपंचमी पर विविध रंगों की बरसात कर होली का धमाल ग्रामीण क्षेत्रों में होरी के रसियो के स्वराों के बीच भक्तगणों ने भक्ति में डूबकर होली का जश्न मनाया। इस दौरान अंचल के गांवों में विशेष आयोजन हुए। अंतर्राष्ट्रीय पुष्टिमार्गीय वैष्णव के मीडया प्रमुख कैलाश मंथन ने कहा कृष्णभक्ति शाखा में होली का त्यौहार 40 दिवस तक मनाया जाता है। इसमें भगवान कृष्ण की भक्ति के रंग में भक्तगण डूब जाते हैं।
शराब और शबाब के साथ अश्लील नृत्यों का प्रचलन बढा
होली रंगपंचमी के जश्न में डूबे माहौल को शराबखोरी एवं अश्लील नृत्यों के साथ मनचलों की भौंडी हरकतों का प्रशासन नहीं रोक सका। डीजे पर अश्लील गानों के बीच शराब के नशे में डूबे युवा वर्ग की भौंडी हरकतों को प्रशासन नहीं रोक सका। हिउस प्रमुख ने कहा कि पवित्र त्यौहारों के समय बड़े मेलों के दौरान शराब और शबाब के साथ अश्लीलता को लगातार बढ़वा मिल रहा है। प्रशासनिक अमले की मौजदूगी के बावजूद इस तरह की कुप्रथा पर अंकुश लगाने में प्रशासन मूक दर्शक बने रहना सामाजिक दुर्दशाओं को जाहिर करता है।
धार्मिक मेलों में अश्लील नृत्यों एवं शराबखोरी पर लगे प्रतिबंध-
रंग पंचमी जैसे पवित्र त्यौहारों पर फूहड़ता भरे नृत्यों एवं शराबखोरी पर प्रतिबंध लगना जरूरी है। नशे के मद में मदहोश लोगों की भीड़ एवं अश्लील भौंडे नृत्य कभी भी हादसे का कारण बन जाते हैं। विराट हिन्दू उत्सव समिति के प्रमुख कैलाश मंथन एवं नारी शक्ति चिन्तन मंच यूपी की प्रभारी रश्मि मंथन ने त्यौहारों के दौरान क्षेत्र में खुले आम अवैध एवं वैध शराब की बिक्री पर प्रतिबंध की मांग की है । देखा गया कि शराब के नशे में डूबकर दौरान अश्लील हरकतें करते बदमाश महान परंपरा फूहड़ता, शराब और शबाव के साथ अश्लीलता का प्रदर्शन करते हैं ।

