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खुद के दर्द भूलकर दूसरों के जख्मों पर मरहम लगा रही हैं रागिनी श्रीवास्तव

रागिनी श्रीवास्तव, ऑपरेशन के बाद का छायाचित्र


लखनऊ। कहते हैं किसी की मदद करने के लिए संसाधनों की नहीं भावनाओं की ज़रूरत होती है। लखनऊ की रागिनी श्रीवास्तव जो कि स्वयं स्वास्थ्य संबंधी समस्या से गुजर रहीं थीं लेकिन उसी दौरान उनको कहीं से पता चलता है कि एक नवजात शिशु जिसकी हालत गंभीर है और उसके इलाज के लिए दवाई,जॉच अन्य में पैसों की ज़रूरत है। रागिनी श्रीवास्तव ने इसकी पुष्टि करने के बाद खुद के स्वास्थ्य को भूलकर अपने अन्य साथियों के सहयोग से उस बच्चे के इलाज के लिए मदद पर उतर आई उन्होंने अपने इष्ट मित्रों से अपील करके नवजात शिशु के लिए थोड़े थोड़े सहयोग के माध्यम से मदद करने का काम किया। नवजात शिशु को पीलिया,शुगर, सांस लेने में तकलीफ संबंधी कई बीमारियां थी और उसकी माँ पैसों के अभाव में इलाज कराने में सक्षम नहीं थी। लेकिन रागिनी श्रीवास्तव जैसे सामाजिक हमदर्द लोंगो की बदौलत बच्चे के इलाज में बहुत बड़ी मदद मिल सकी। इस मदद के लिए बच्चे की मां ने रागिनी श्रीवास्तव एवं उनके सभी साथियों को जिन्होंने मानवता की मिसाल पेश की अपना धन्यवाद और दुवाये दी। गौरतलब है कि रागिनी श्रीवास्तव खुद इस दौरान स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण दर्द से गुजर रहीं थी और उनका ऑपरेशन होना था लेकिन ऑपरेशन अनुसार कुछ जांचे ठीक नहीं थी जिस कारण अभी हाल ही में उनका ऑपरेशन किया गया है। रागिनी श्रीवास्तव ने इस संबंध में कहा कि दूसरों की पीड़ा को किसी माध्यम से कम कर पाने में स्वयं को सुकून और खुद के दर्द को भुला देता है ।