लेटेस्ट खेल समाचार कोरोना देश राज्य क्राइम बिजनेस दुनिया नॉलेज ऑटो दुर्घटना ट्रेंडिंग लाइफ स्टाइल धर्म करियर टेक मनोरंजन

Inspirational Story: सरकारी नौकरी से ज्यादा पारिवारिक और सामाजिक दायित्वों को महत्व देकर बनाई मिसाल



सत्यबन्धु भारत, प्रेम विश्वकर्मा

लखनऊ। चिंता की गहन धूप से ग्रसित मुख मंडलो पर करुणामयी आंचल फैला कर अशांत मन को सौम्य शीतलता प्रदान करने वाली सौम्य सरल समाजसेविकाओ मे अग्रणी ओम सिंह का नाम किसी परिचय हेतु अपेक्षित नहीं है।कोरोना की पहली व दूसरी लहर में,जहां पर पर्याप्त साधन होते हुए भी लोग सहमे और डरे हुए थे वहां पर साहसी और निडर होकर कोरोना से प्रभावित लोगों की मदद करके समाज में सरल सौम्य वीरा बनकर उभरी। 

निराशा के घोर तिमिर में आशा की किरण बन संघर्ष पथ को प्रकाशित कर जीने की राह सुलभ की। विगत वर्षों में  दैवीय आपदीय लहरों ने जन् प्राणियों को अत्याधिक प्रभावित किया। आपदाओं से प्रभावित परिवारों को चेतन वेलफेयर फाउंडेशन के माध्यम से मानसिक व आर्थिक सहायता पहुंचा कर डूबते को तिनका का सहारा बन समाज में विशिष्ट पहचान बनाई। समाज सेवा से जुड़े व्यक्तियों के लिए आदर्श स्थापित किया। समाज से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।  पिता के सुसंस्कारों से पोषित समाज सेविका ओम सिंह का रुझान बचपन से ही समाज सेवा में रहा। पिता के द्वारा बताए गए दान दया धर्म  के सरल भाव को धरातल पर क्रियान्वित करने के लिए चैतन्य वेलफेयर फाउंडेशन का सृजन किया। सीयराम मय सब जग जानी की धारणा धार कर  निस्वार्थ सेवा कार्य करती हैं पूरी सच्चाई के साथ ईश्वर को साक्षी मानकर के करती हैं । निस्वार्थ सेवा सहायता पाने हेतु फैले हाथ,विनम्र भाव से जुड़कर सरल  सौम्य वीरा के लिए आगाध हृदय की गहराइयों से,कोटि-कोटि आभार व्यक्त करते हैं। सुखद अश्रु बिंदु से आशीर्वाद देते हुए यशकीर्ति वृद्धि क़ी कामना करते हैं।

ओम सिंह तीन बहनों और एक भाई में सबसे छोटी मूलत: प्रयागराज की रहने वाली हैं। प्रयागराज विश्वविद्यालय से बॉटनी मे M. Sc  की डिग्री पूर्ण कर, M.Ed में टॉप करके प्रोफेसर यशपाल के हाथों गोल्ड मेडल ग्रहण कर गोल्ड मेडलिस्ट बनी। इसके बाद साइकोलॉजिस्ट काउंसलिंग की शिक्षा पूर्ण की। प्रयागराज में विवाह हो जाने के बाद  लखनऊ में आ कर लखनऊ विश्वविद्यालय से योग व नेचुरोपैथी के साथ डाइटिशियन की शिक्षा पूर्ण की। यथायोग्य पांच सरकारी नौकरियां मिली, लेकिन विवाह के बाद पारिवारिक उत्तरदायित्व को पूरा करने के लिए और पति  के साथ देश-विदेश ज्यादा जाने के कारण यह सरकारी नौकरियां छोड़ दी। पति मर्चेंट नेवी में कार्यरत है।


बचपन से मेधावी ओम सिंह अपने पिताजी से प्रेरित होकर चैतन्य वेलफेयर फाउंडेशन संस्था की स्थापना करके चैतन्य आत्मा का परिचय दिया। 



ओम सिंह बताती है कि आत्मा की आवाज सुनकर जो भी कार्य परहित सुख मूल को ध्यान में रखकर किया जाता है , उसका फल निश्चित  ही खुशियां और संतुष्टि प्रदान करता है। यदि ईश्वर की कृपा से साधन करने में समर्थ हो तो गरीब  निर्धन असहाय  निर्बल कुपोषित की मदद अवश्य करना चाहिए। अतिदुर्लभ मनुष्य शरीर को प्राप्त होकर अपने अमूल्य समय का एक क्षण भी दु:खमूलक क्षणभंगुर भोगों के भोगने में नष्ट नहीं करना चाहिए। परहित सरिस धर्म नहिं भाई, यह पंक्ति यथार्थ है। त्याग सेवा धर्म यही हमारी सत्य सनातन मूल परंपराएं रही है।



कोरोना की पहली व दूसरी लहर में ओम सिंह ने अपनी चैतन्य वेलफेयर फाउंडेशन संस्था के माध्यम से गरीब निर्धन असहाय जरूरतमंद लोगों की सहायता करके मानस पटल पर एक नई मानवीय छबि अंकित की है। 



चैतन्य वेलफेयर फाउंडेशन का उद्देश्य समाज में सेवा भाव की भावना को जागृत करना है। लोगों में एक दूसरे की मदद करने की भावना प्रबल करना है।  

ओम सिंह ने कोरोना का काल में  कोरोनावायरस से भयभीत जिनका मनोबल बहुत गिरा हुआ, मानसिक प्रक्रिया असहज थी उनका घर पर रहते हुए टेलिफोनिक माध्यम से उत्साहवर्धन व प्रोत्साहित किया। और आग्रह किया कि टेलीविजन सोशल मीडिया का सहारा अधिक ना लें मजबूती से रहे। हम सभी आपके साथ हैं। हर संभव मदद करेंगे।

कोरोना किट में विभिन्न प्रकार की दवाएं और हेल्थ सप्लीमेंट इत्यादि का वितरण किया। संस्था के माध्यम से स्वास्थ्य वर्कर्स हॉस्पिटल गार्ड, पुलिसकर्मियों अन्य सभी का भी सहयोग किया। निशुल्क राशन का भी वितरण किया गया । चैतन्य वेलफेयर फाउंडेशन संस्था के माध्यम से निशुल्क एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराई गई।  सबरी बस्ती  मे महिलाओं और बच्चों को  सैनिटाइजर, नैपकिन का निशुल्क वितरण करवाती हैं,और उन्हे मेंटल और फिजिकल हाइजीन के बारे में बताती हैं।



बॉटनी विषय में पारंगत ओम सिंह संस्था के माध्यम से  पर्यावरण पर विशेष बल देती हैं। प्रकृति का सौंदर्य बनाए रखना हम सब का प्रथम कर्तव्य होना चाहिए। इनका कहना है कि हम जितना प्रकृति से ग्रहण करें उतना धन्यवाद करते हुए उसे वापस करने की कोशिश करें। प्रकृति की सुंदरता बनाए रखना हमारी प्रकृति होनी चाहिए। प्रकृति का पूजन तो हमारी संस्कृति मे सदैव से है। इसकी रक्षा से अन्य जीवो का रक्षण स्वतः हो जाता है।  प्रकृति की सुरक्षा में हम सब की सुरक्षा निहित है।



चैतन्य वेलफेयर फाउंडेशन के माध्यम से पर्यावरण के लिए  लखनऊ के आसपास के क्षेत्रों में पौधरोपण अभियान चलाया जाता  है ।पौधरोपण अभियान में जो लोग भाग लेते हैं, वेलफेयर फाउंडेशन संस्था उन्हें  सम्मानित भी करती है। इसके अलावा सेव वाटर सेव बर्ड अभियान चलाया जा रहा है जिससे जनमानस मे, शुद्ध पेयजल और प्रकृति के हकदार जीव जंतु एवं  चिड़ियों के प्रति जागरूकता आये और उनका संरक्षण हो सके। स्कूलों मे भी निबंध प्रतियोगिताएं कराकर विद्यार्थियों द्वारा जागरूकता फैलाई जा रही है। ओम सिंह के अनुसार हमारे समाज में हमारे पर्यावरण में गौरैया विलुप्त होती जा रही है और गौरैया खत्म होना हम सभी मानव जाति के अस्तित्व के लिए बहुत बड़ा खतरा है इसलिए  2016 से लगातार गौरैया सरंक्षण अभियान चल रहा है।जिसमें हम अपनी तरफ से लोगों को बर्ड हाउस,मिट्टी के बर्तन, काकून जैसी चीजें गिफ्ट में देते हैं और बोलते हैं कि इसे घर में रखिए जिससे कि गौरैया आपके  यहां आना शुरू करें और बर्डहाउस में घोंसला बनाकर अंडे दे और उनकी संख्या बढ़ पाए।

  

ओम सिंह संस्था के माध्यम से जाड़ों के मौसम में लखनऊ और उसके आसपास के क्षेत्रों में विशेषकर गांव में कंबल और ऊनी कपड़े वितरित करती है। यह सभी कार्य अपने संसाधनों और मित्रों के सहयोग से करती हैं।किसी भी प्रकार की सरकारी सहायता या डोनेशन नहीं प्राप्त करती हैं। लोग सेवा भाव को महत्व देने लगे हैं लगातार कार्य करते रहने से लोग मनोबल भी बढ़ाते है सहयोगी भी बन रहे हैं। इसके अलावा शिक्षा क्षेत्र में भी काफी सारा योगदान करती है।

ओम सिंह डाइटिशियन और काउंसलर भी हैं इन दोनों माध्यमों से भी  समाज सेवा करती हैं।स्कूलों में बच्चों को  और उनके पारिवार संबंधित किसी भी समस्या को निशुल्क काउंसलिंग सेवा भी देती है।ऑनलाइन निशुल्क योग भी सिखाती है। कुरौना काल  से लेकर अभी तक व्हाट्सएप के माध्यम से डाइट प्लान लोगों को दे रही है। विगत 2 सालों से ब्लड डोनेशन कैंप भी लगवाती है जिसका उद्देश्य गरीब जरूरतमंद या लखनऊ शहर के बाहर से आए  मरीजों की सेवा वह उनके  तीमारदारों की मदद करना है। अचानक उनको ब्लड की जरूरत अन्य स्थिति  का सामना करना पङ जाए  तो  संस्था उनकी मदद करती है। लोगों को ब्लड डोनर्स कार्ड  या डायरेक्ट डोनर्स भी उपलब्ध करा रही है। इस प्रकार  सामाजिक हित में जिस भी तरह की आवश्यकता होती है उसे यथाशक्ति पूर्ण करने की कोशिश करती है।

   

अभी हाल में ओम सिंह ने एक साल से लखनऊ की एक क्षेत्र में अंडरप्रिविलेज्ड बच्चों का सेंटर खोला है, जहां पर बालिकाओं को ब्यूटीशियन का कोई कोर्स सिखाया जाता है इसके साथ ही आर्ट ऑफ क्राफ्ट काम भी सिखाया जा रहा है।बालिकाओं को सबल और सशक्त बनाने के लिए आगे और भी योजनाएं हैं। उन मेधावी बच्चों को जिनके  के घर विद्यालय से काफी दूर पर हैं उन्हें आने-जाने के लिए चैतन्य वेलफेयर फाउंडेशन की तरफ से निशुल्क साइकिल प्रदान की जाती है।अति गरीब बालिकाओं की फीस संस्था के माध्यम से जमा करवाई जाती है।

गरीब महिलाओं को  स्वरोजगार के लिए सिलाई मशीन भी संस्थान की ओर निशुल्क प्रदान की जातीहै।अपना व्यवसाय खो चुके गरीब  पुरुषों के लिए सब्जी का ठेला इत्यादि व्यवस्था की जाती है  जिससे अपना परिवार पाल सके ।

लोक हित में कार्य करने वाली अग्रणी समाज सेविका ओम सिंह कल्याण की इच्छा वाले लोगों को जोड़कर चैतन्य वेलफेयर फाउंडेशन के माध्यम से धर्मार्थ क्षेत्र में उच्चतम स्थान प्राप्त किया है। मानव सेवा ही सच्ची ईश्वर सेवा है। ऐसा भी कहा जाता है कि

 चार वेद छह शास्त्र में  लिखी  है बातें दोय।

 सुख दीने  सुख होत है दुख दीने दुख होय।।

लोकप्रिय सत्यबन्धु भारत से जुड़ने के लिए,किसी भी खबर, साक्षात्कार, लेख, कविता, कहानी आदि के लिए संपर्क करें। सत्यबन्धु भारत के माध्यम से पत्रकारिता करके देश सेवा करने के लिए संपर्क करें-9628606263