डायबिटीज़ आज तेजी से लोगों को अपना शिकार बना रही है । आज कोई ऐसा घर नहीं जिसमें पांच में से तीन लोग डायबिटीज से पीड़ित ना हो । अगर आप अपने जीवन शैली में थोड़ा भी परिवर्तन लाते हैं तो यह साइलेंट किलर आपको अपना शिकार बना देगी । खासकर महिलाओं की बात करें तो डायबिटीज तेजी से महिलाओं को अपना शिकार बना रही है। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में डायबिटीज तेजी से फ़ैल रही है क्योंकि जैसे ही महिलाएं गर्भ धारण करती है परिवार के लोगों उसे तरह तरह के खाने खिलाने लगते हैं जिससे गर्भवती महिलाएं मौटापे का शिकार हो जाती है और उनको डायबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है । गर्भावस्था के दौरान महिलाएं ज्यादा काम नहीं कर पाती साथ ही तनावपूर्ण रहने के कारण डायबिटीज का खतरा बहुत बढ़ जाता है । अगर महिलाएं गर्भावस्था के दौरान डायबिटीज होती है तो सबसे ज्यादा खतरा होने बाले बच्चे पर पड़ता है । अगर डायबिटीज बढ़ा रहा और महिलाएं ध्यान नहीं देगी तो बच्चा अपंग और समय से पहले पैदा हो सकता है । अतः जैसे ही महिलाएं गर्भ धारण करें तुरंत ब्लड सुगर की जांच कराते रहे जिससे कि आपके डाइबिटीज होने का पता चल सके । उक्त बातें आस्था फाऊंडेशन द्वारा चलाए जा रहे वाक् फार लाइफ मुहिम के तहत बहु बाजार झुग्गी झोपड़ी में रह रहे सैकड़ों गरीब महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान डायबिटीज कितना ख़तरनाक है मुद्दे मशहूर स्त्री रोग विशेषज्ञ डा भूमिका श्रीवास्तव ने कही । कार्यक्रम में मौजूद कई गर्भवती महिलाओं से उन्होंने अपील करते हुए कहा कि आप हमेशा खाने पीने पर ध्यान दें , सुगर की जांच कराते रहे और डाक्टर से हमेशा सम्पर्क में रहै । डाइटिशियन पुजा पांडे ने गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान क्या खाएं क्या ना खाएं इस बिषय पर विस्तार से जानकारी दी । संस्था के चेयरमैन निक्की सिंह ने कहा कि आस्था फाऊंडेशन लगातार स्लम में रह रही महिलाओं को खासकर गर्भवती महिलाओं को डायबिटीज के प्रति जागरूक कर रही क्योंकि इस समय महिलाओं में डाइबिटीज एक बहुत बड़ी समस्या बनी हुई है ऐसे समय में ऊनहै डायबिटीज से अगर नहीं बचाया गया तो गर्भ में पल रहे बच्चों को बचाना मुश्किल हो जाएगा । कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रेमा देवी , धनंजय कुमार के अलावा सैकड़ों महिलाओं और बच्चियों ने अपना योगदान दिया।
