सत्यबन्धु भारत
लखनऊ। लखनऊ में डा राम मनोहर लोहिया आयुर्वेद संस्थान एक ऐसा संस्थान है जहाँ कई हज़ार लोग प्रतिदिन पूरे विश्वास से कि उनकी बीमारी का इलाज यहाँ मिल जाएगा। इस संस्थान में मरीजों की अथाह भीड़ इस बात का जीता जागता सुबूत है। कोरोना काल खंड में जहां एक तरफ चिकित्सक, कर्मचारियों, पैरा मेडिकल स्टाफ ने कोरोना की लड़ाई में फ्रंट लाइन योद्धा बनकर देश सेवा का अद्भुत जज्बा व साहस दिखाया जिसका पूरे देश ने सम्मान किया। लेकिन यहां एक ऐसा मामला प्रकाश में आया है जिससे कोरोना जैसी घातक महामारी के लिए बचाव कार्य में सीधी लापरवाही सामने आई है। सत्यबन्धु भारत के संपादक संतोष कुमार पांडेय दिनांक 7 दिसंबर को अपनी पत्नी को दिखाने RML गए थे जहाँ कोरोना प्रोटोकॉल के अंतर्गत OPD में दिखाने के पूर्व कोरोना जांच रिपोर्ट अनिवार्य है इसी के चलते उन्होंने अपनी पत्नी का कोरोना सैंपल देकर जांच करवाई जिसकी रिपोर्ट अगले दिन यानि 8 दिसम्बर को देने की बात कही गई। कोरोना कि रिपोर्ट RML पोर्टल पर ऑनलाइन भी अपलोड की जाती है। जब सन्तोष पांडेय ने ऑनलाइन यह रिपोर्ट निकाली तो उसमें एक रिपोर्ट सन्तोष पांडेय के नाम दे और जारी थी। सन्तोष पांडेय ने इसकी शिकायत RML सीएमएस से की जिसपर सीएमएस ने सर्वप्रथम यह कार्य गलत है और इसकी जांच कर कार्यवाही की जाएगी की बात कही। कुछ देर बाद सीएमएस RML ने वाट्सएप के माध्यम से सन्तोष पांडेय को बताया कि सैम्पल कहीं और कलेक्ट किया गया है जांच RML टेस्ट करने को आई है इस कारण इसे अपलोड किया गया है।
| बिना सैंपल लिए जारी कोरोना रिपोर्ट |
दूसरी तरफ सत्यबन्धु भारत के संपादक ने कहा कि मेरे द्वारा कहीं भी किसी प्रकार का न तो सैंपल दिया गया है और न ही कोरोना जांच कराई गई है। अब सवाल यह उठता है कि बिना सैंपल के RML के पोर्टल पर क्यों और कैसे कोरोना रिपोर्ट अपडेट की गई और इतनी लापरवाही के साथ इस महामारी को लेकर इतना गैरजिम्मेदाराना रवैया क्यो अपनाया जा रहा है। कोरोना गाइडलाइंस के साथ कोरोना खतरे को देखते हुए यह लापरवाही और खिलवाड़ बेहद गंभीर है और आगे इस मामले में जिम्मेदार लोगो पर नसीहत के लिए क्या कार्यवाही की जाएगी यह भविष्य के गर्भ में है।
