सत्यबन्धु भारत, प्रेम विश्वकर्मा
भारतीय संस्कृति में कहा जाता है कि कन्यादान से बड़ा कोई कार्य नहीं है और इसी महान कार्य को कन्यादान फाउंडेशन के माध्यम से ऋषि सरदाना ने इक्यावन कन्यादान करके देश के युवाओं के लिए मिसाल बन गए हैं।
कन्यादान फाउंडेशन एक गैर सरकारी संगठन है जिसका उद्देश्य समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से संबंधित बेटियों के विवाह में वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इसकी स्थापना 15 अगस्त 2019 को दिल्ली से ऋषि सरदाना ने की ।
कन्यादान फाउंडेशन और उसकी टीम ने अब तक 21,000 रुपये से 51,000 रुपये तक के दान के साथ 52 शादियां की हैं। ऋषि का कहना है कि हमारा फाउंडेशन यूपी, दिल्ली, झारखंड, जम्मू- कश्मीर और छत्तीसगढ़ राज्यों में काम कर रहा है।
ऋषि सरदाना ने प्रण लिया था की गरीब, कमजोर वर्ग की बेटियों का किसी भी हाल में कन्यादान करेंगे उसी के अंतर्गत उन्होनें माइजो सेनेटरी पैड का कार्य शुरू किया और उसके लाभ के अंश का तिनका-तिनका जोड़कर उन्होंने अपनी टीम के माध्यम से अब तक 51 बेटियों की शादी में 21000,51000 की धनराशि दान करके एक मिसाल कायम कर दी। 28 वर्ष की अवस्था मे ऋषि ने वह कर दिखाया जो लोग ताउम्र नहीं कर पाते हैं उन्होंने साबित कर दिया कि यदि दिल मे कोई सच्ची चाहत है तो उसे साकार रूप देने में भगवान भी सहायत करता है।
ऋषि कहते हैं अपने संघर्षों भरे सफर में यह काम करना बहुत मुश्किल था लेकिन धीरे धीरे मेहनत, लगन से यह सम्भव हो सका। ऋषि कहते हैं कि जीवन में हार न मानकर आगे बढ़ने की प्रेरणा और लक्ष्य के प्रति निष्ठा हमें कोई भी मुकाम हासिल करने से नहीं रोक सकती है।
