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100 वर्षों से अधिक प्राचीन अमराई गाँव का मेला 10 दिसम्बर से



106वी वर्षगांठ पर श्रीराम जन्म से उनके विवाह तक के प्रसंगों पर होगा मंचन


सत्यबन्धु भारत,प्रेम विश्वकर्मा

लखनऊ। चिनहट ब्लाक के अमराई गाँव में होने वाले धनुष यज्ञ मेले में न केवल भारतीय संस्कृति की मनोरम झलक के दर्शन होते हैं बल्कि भगवान श्रीराम की लीलाओं के मंचन के माध्यम से जन-जन को भगवान श्रीराम के द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी जाती है। श्रीराम जन्म से उनके विवाह तक के प्रसंगों के मंचन का पूरे साल लोगों को इंतजार रहता । नारायण दत्त शुक्ला के निर्देशन में गांव के युवा कलाकार श्रीराम लीला का मंचन करते हैं। कठपुतली के माध्यम से सामाजिक सरोकारों के बारे में बताने का प्रयास भी इस मेले में किया जाता है। हर साल अगहन सप्तमी से मेला लगता है। इस साल 10 से 13 दिसंबर तक धनुष यज्ञ मेला लगेगा।


मेला कमेटी के अध्यक्ष दिलीप कुमार मिश्रा ने बताया कि धनुष यज्ञ व श्रीराम विवाह शोभायात्रा के साथ मेले का समापन होगा। इसलिए इसे धनुष यज्ञ मेला कहा जाता है। इस बार मेले की 106वीं वर्षगांठ मनाई जाएगी। तीन दिनों तक श्रीराम जन्म से लेकर श्रीराम विवाह तक की लीलाओं का मंचन होगा। अंतिम दिन गाजे-बाजे और भगवान के प्रतीकों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। मेले के संरक्षक चंद्रशेखर त्रिवेदी व डा.एलबी मिश्रा के दिशा निर्देशन में यह मेला वर्षों से लग रहा है। मेले की खास बात यह है कि यहां पहले मुस्लिम समाज के लोग भी किरदार निभाते थे। अब मेला के आयोजन में सहयोग के साथ ही कमेटी की गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं। बख्शी का तालाब विधानसभा क्षेत्र के विधायक अविनाश त्रिवेदी सहित गांव के लोगों के सहयोग से मेला आयोजन किया जाएगा।