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Lucknow News: KGMU को 'यूके कोक्रेन' से मिली अंतरराष्ट्रीय मान्यता, पीजी पाठ्यक्रमों में भी किया जा सकता है शामिल



सत्यबन्धु भारत

राजधानी लखनऊ का "किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्विद्यालय (KGMU) बहुत जल्द पूरे भारत के डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण देना शुरू कर देगा। 'कोक्रेन यूके' (UK Cochrane Centre) सबसे बड़ा और सबसे अधिक मान्यता प्राप्त संगठन है, जो किसी भी लाभ आधारित संगठन व कंपनी से धन नहीं लेता है। इसीलिए कोक्रेन, यूके द्वारा दी गई सिफारिशों को डब्ल्यूएचओ सहित दुनिया के कई देशों की सरकारों द्वारा स्वीकार किया जाता है।" यह बातें केजीएमयू के कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल (रि.) डॉ. बिपिन पुरी (KGMU VC Dr. Bipin Puri) ने कही। बता दें कि, बुधवार को केजीएमयू को 'क्रोकेन, यूनाइटेड किंगडम' से अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिल गई है।

कैसे काम करता है 'क्रोकेन'? 
कोक्रेन एक ब्रिटिश इंटरनेशनल चैरिटेबल ऑर्गनाइजेशन है, जो स्वास्थ्य पेशेवरों, रोगियों और नीति निर्माताओं से जुड़े स्वास्थ्य हस्तक्षेपों के बारे में साक्ष्य-आधारित विकल्पों को सुविधाजनक बनाने के लिए चिकित्सा अनुसंधान निष्कर्षों को व्यवस्थित करने के लिए गठित किया गया है। इसमें 53 समीक्षा समूह शामिल हैं, जो दुनिया भर में अनुसंधान संस्थानों पर आधारित हैं। कोक्रेन में दुनिया भर से लगभग 30,000 स्वयंसेवी विशेषज्ञ हैं। क्रोकेन द्वारा दिये गये सुझावों को विश्व स्वास्थ्य संगठन भी मानता है।

26 अक्टूबर को किया गया था लांच 
कोक्रेन इंडिया को औपचारिक रूप से बुधवार को भारत में लॉन्च किया गया था, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में नीति आयोग के सदस्य प्रोफेसर विनोद के पॉल थे। उन्होंने ही एक वर्चुअल इवेंट में इसका उद्घाटन किया। इसमें केजीएमयू, लखनऊ, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च, नई दिल्ली, एम्स नई दिल्ली, पीजीआई चंडीगढ़, सीएमसी वेल्लोर, इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज, भुवनेश्वर, मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन मणिपाल, टाटा मेमोरियल सेंटर मुंबई और आईआईपीएच हैदराबाद सहित सभी 09 केंद्र शामिल हुए थे।