
सत्यबन्धु भारत
भारत और जापान की नौसेनाओं ने अरब सागर में तीन दिनों का द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास किया, जिसे ‘जिमेक्स’ नाम से जाना जाता है. रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.मंत्रालय ने कहा कि जापान मेरीटाइम सेल्फ डिफेंस फोर्स और भारतीय नौसेना के जहाजों ने समुद्र में विभिन्न प्रकार के अभ्यास किये, जो शुक्रवार को संपन्न हुए.
भारतीय नौसेना ने रियर एडमिरल अजय कोछार की कमान के तहत इसमें हिस्सा लिया. भारतीय नौसेना की ओर से स्वदेश विकसित दिशानिर्देशित मिसाइल विध्वंसक आईएनएस कोच्चि और दिशानिर्देशित मिसाइल द्रुतगामी पोत आईएनएस
तेग को शामिल किया गया. इसके अलावा मिग 29 लड़ाकू विमान को भी इसमें शामिल किया गया.
जापान-भारत समुद्री अभ्यास एक जटिल समुद्री अभ्यास है
गौरतलब है कि जापान-भारत समुद्री अभ्यास दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच सटीकता, समन्वय और तैयारियों के उच्च मानकों को दर्शाता है. जबकि दोनों नौ सेनाएं समुद्र में खतरों का मुकाबला करने के लिए अभ्यास को आयोजित करती है, जो दोनों देशों की नौ सेनाओं के बीच उच्च स्तर का विश्वास और समझ को विकसित करती हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि जापान-भारत समुद्री अभ्यास एक जटिल समुद्री अभ्यास है, जो दोनों नौ सेनाओं को अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने में मदद करता है, साथ ही जब आवश्यक हो, संयुक्त रूप से अपने समुद्री हितों की रक्षा करने और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए भी सक्षम बनाता है.
