सत्यबन्धु भारत
डॉ नीरू मित्तल
एमबीबीएस,एमएस
स्त्री व प्रसूति रोग विशेषज्ञ
मैटरनिटी एण्ड गायनी क्लीनिक एल्डको एक्सप्रेस प्लाजा, लखनऊ
गर्भावस्था हर महिला के जीवन का एक सुखद पल है। उचित सलाह खानपान एवं देखभाल के ज़रिए हम हर गर्भवती महिला के इन 9 महीने के सफर को यादगार एवं काम्पलीकेशन और समस्यामुक्त बनाने की कोशिश
करनी चाहिए।
आगे हैं कुछ सवाल और उसके जवाब जो हर गर्भवती महिला से जुड़े हैं और महिलाएं उनके बारे में जानना चाहती है।
प्रश्न- गर्भावस्था में डाक्टर के पास कितनी बार जाना है और कब-कब जाना है?
गर्भावस्था में पहले सात महीने हर महीने में एक बार डाक्टर की देखरेख में सलाह लेते रहना चाहिए। आंठवे महीने में हर पंद्रह दिन में एक बार व नवें महीने में हर हफ्ते एक बार जाना चाहिए। अगर महिला किसी कारणवश इतनी बार अपने डाक्टर के पास सलाह हेतु न जा सके तो स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी गाईडलाइन के अनुसार कम से कम 4 बार अवश्य जाना चाहिए और अपनी स्त्रीरोग विशेशज्ञ से मिलकर अपनी हर समस्या से उन्हें अवगत कराना चाहिए।
प्रश्न- गर्भावस्था में कब यूएसजी कराना चाहिए और कब?
- गर्भावस्था में मानकों के अनुसार 4 बार और कम से कम दो बार जरूर यूएसजी करना चाहिए। पहला यूएसजी गर्भावस्था सुनिश्चित होने के बाद ही होता है। दूसरा यूएसजी 18 से 20 हफ्ते के बीच में होता है जिसे एनीमली
स्कैन कहा जाता है।
प्रश्न- गर्भावस्था में क्या कसरत घर के काम और अपने रोजमर्रा के काम कर सकते हैं?
- गर्भावस्था के दौरान कसरत, योगा करना, टहलना अत्यन्त लाभदायक है। प्राणायामक करने से फेफड़ों को शक्ति मिलती है • जिससे खून में ऑक्सीजन की पूर्ति अच्छे से होती है और इससे गर्भाशय में खून का प्रवाह बढ़ जाता है। लेकिन कोई भी ऐसा व्यायाम जिससे पेट पर दबाव पड़े या झटके लगे नहीं करना चाहिए। यदि आपको गर्भधारण करने में कोई समस्या है या किसी प्रकार का पेट में दर्द है तो डॉक्टर की सलाह के बाद ही कुछ करें। गर्भावस्था में रोजमर्रा के काम एवं ऑफिस जाना वर्जित नहीं है।
प्रश्न- गर्भावस्था में कितने टीके लगते और कब-कब ?
गर्भावस्था में टेटनस टाक्साइड (टीटी) अथवा टेटनस
डिप्थेरिया टाक्साइड के दो टीके लगते हैं। पहला टीका सोलहवें
हफ्ते में और दूसरा पहले टीके के चौथे हफ्ते में यदि पिछले गर्भावस्था दो साल के
अंतर पर हुई हो और उसमें टीटी और टीड़ी के दो टीके लगे हों तो केवल टीटी बूस्ट डोज का एक ही
टीका लगाया जाता है।
प्रश्न- गर्भावस्था में कितना आराम करना चाहिए और कब?
- गर्भावस्था में दिन में कम से कम दो घंटे औ रात में 8 घंटे बाएं
हाथ की करवट लेटकर आराम करना चाहिए। इससे गर्भाशय व
बच्चे को खून एवं ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ता है एवं बच्चे की
बढ़त अच्छे से होती है।
प्रश्न- गर्भावस्था में खानपान का क्या ख्याल रखना चाहिए?
- गर्भावस्था का मतलब यह नहीं होता है कि पहले से दोगुना खाए।
पहले तीन महीनों में कैलोरी की ज्यादा जरूरत नहीं होती है परन्तु
तीन महीनों के बाद 350 से 450 कैलोरी की रोजाना आवश्यकता
होती है। ऐसे में महिलाओं को पहले के खानपान में 25 प्रतिशत ही
बढ़त करना चाहिए। एक बार में ज्यादा न खाएं। थोड़े-थोड़े समयपर पर खाएं तीन बार खाना खाएं व तीन बार हल्का भोजन करें।
यदि एक बार में आप ज्यादा खाएंगी तो उल्टी होने के आसार बढ़
जाएंगे। फास्ट फूड, पिज्जा, बर्गर, तलामुना व मिर्च मसाले व बाहर
का खाना"खाएं। खाने में ज्यादा से ज्यादा प्रोटीन लें। दूध, दही,
अंकुरित दाल, चना, फल, दाल, चावल रोटी सब्जी का सेवन
ज्यादा करें। चाय / कॉफी के ज्यादा सेवन से बचें।
प्रश्न- गर्भावस्था के दौरान पेट निकलना कब शुरू होता है?
- गर्भावस्था में बारह हफ्ते तक बच्चेदानी पेल्विक में ही रहती है। 12वें
हफ्ते यानी लगभग तीन महीने के बाद पेट निकलना शुरू होता है।
प्रश्न- पेट में बच्चा कब घूमना शुरू करता है?
- पेट में लगभग 16-18वें हफ्ते से बच्चे का मूवमेंट महसूस
होना शुरू होने लगता है। शुरूआत में यह बुलबुलों जैसा महसूस होता है।
प्रश्न गर्भावस्था में ऑयरन और कैल्शियम कब से खाते हैं?
- ऑयरन और कैल्शियम की गोलियां चौथे महीने से खानी
चाहिए। इन दवाइयों से गैस की समस्या भी हो सकती है
इसलिए इन गोलियों को पहले तीन महीनों में नहीं दिया जाता है
क्योंकि गर्भवती महिला पहले तीन महीने में मचली और उल्टियों
की समस्या से पहले ही परेशान होती है।
