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किताबों की जगह हाँथ में झाड़ू,कैसे देश का भविष्य बनेगी नई पौध

टड़ियावां के रावल में मासूम बच्चों से लगवाई जा रही विद्यालय में झाड़ू



सत्यबन्धु भारत

टड़ियावां,हरदोई। सरकारी स्कूलों में लाख कोशिशों के बावजूद व्यवस्थाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। शासन स्तर से इन स्कूलों में व्यवस्थाएं सुधारने के नाम पर पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है, लेकिन स्थिति जस की तस है। कभी स्कूलों में बच्चाें से शौचालय साफ करवाया जाता है तो कभी झाड़ू लगवाई जाती है, तो कभी शिक्षिकाएं मोबाइल में व्यस्त रहती हैं। एक बार फिर  ब्लाक टडियावां के प्राथमिक विद्यालय रावल में ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसमें काफी छोटे बच्चों से स्कूल में झाड़ू लगवाई जा रही है।
प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति सुधारने के लिए प्रदेश सरकार छात्रों को ड्रेस बैग और पुस्तक नि:शुल्क दे रही है। मगर शिक्षक छात्रों को पुस्तक की जगह सफाई कराने को झाडू़ थमा देते हैं। शिकायत पर अधिकारी लीपापोती हो जाती है। इसी कारण परिषदीय स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार नहीं आ पा रहा है। क्षेत्र में लगभग 15 प्राइमरी पाठशाला हैं, जिसमें सफाई की स्थिति लगभग शून्य है। ताजा मामला विकास खंड टडियावां के गांव  रावल का है। जहां नौनिहाल सुबह सवेरे विद्यालय में किताब की जगह झाड़ू लगाते नजर आए। बच्चों के झाड़ू लगाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामले को लेकर गांववासियों में आक्रोश है। ग्राम वासियों का आरोप है कि विद्यालय स्टाफ अपनी मनमानी करता है, प्रत्येक दिन बच्चों से ही झाड़ू लगवाते हैं। पहले भी कई बार इसकी शिकायत अधिकारियों से की गई है, मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर उच्चाधिकारी उचित कार्रवाई करें। वरना ऐसे ही बच्चों का भविष्य खराब होता रहेगा।