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लखनऊ की समाजसेविका नेहा सिंह ने छोटी सी घटना में दिया बड़ा सन्देश



सत्यबंधु भारत । प्रेम विश्वकर्मा 

मुखड़ा क्या देखे दर्पण मे,, तेरे दया धरम नहीं जीवन मे,,,,, पर प्रत्येक काल मे साधु संतो ने बहुउपदेश दिए और उस मार्ग पर चलकर प्रेरणादायक जीवन का निर्वाह भी किया राजा बलि ने कबूतर का जीवन बचाने के लिए उसके तौल के बराबर जंघा का मांस दान में दे दिया था परोपकार हेतु महर्षि दधीच ने अपनी हड्डियां दान में दे दी थी सिद्धार्थ का नाम सभी जानते हैं हंस की जान बचाने के लिए कहा था मारने वालों से ज्यादा बचाने वालों का उस पर ज्यादा अधिकार होता है यही सिद्धार्थ अपने हृदय में करुणा प्रेम भरकर प्रत्येक प्राणियों को स्नेह देते हुए ईश पद को प्राप्त हुए और संसार में अहिंसा सत्य व प्रेम पर विशेष बल दीया परम पूज्य गोस्वामी तुलसीदास जी ने कहा कि जिसके जिसके हृदय में करुणा है दया है प्रेम है ईश्वर वही वास करता है पर यह सब अतीत की बातें प्रतीत होती जा रही है जितना ज्यादा लोग संपन्नता को प्राप्त होते जा रहे हैं उतना ही उनका दया धर्म का दृष्टिकौण  बदलता जा रहा है अभी जो धर्म के सापेक्ष लोगो जो क्रियाकलाप देखने को मिलता है उसमें बनावटी पन दिखने लगा है जब तक उनके चरित्र का कार्य उजागर नहीं हो जाता तब तक पता नहीं चलता कि वह किस तरह के व्यक्तित्व वाले लोग हैं वह अपने को ढके रहते हैं ऐसा मालूम पड़ता है वो सबसे बड़े दया धर्मी हैं गोस्वामी तुलसीदास ने कहा उघरिह अंत ना हो ए निभाहूँ  काली नेम जिम रावण राहु   ऐसा ही एक मार्मिक घटना समाज सेविका नेहा सिंह के सामने आयी इस घटना से उनका हृदय बहुत करूणित हो उठा नेहा सिंह ने बताया बताया कि 22 अक्टूबर को किसी काम से बाहर निकली थी तो रास्ते मे उन्होंने गाय के एक बछड़े को घायल अवस्था मे तड़पते देखा। उनसे रहा नही गया और उन्होंने अन्य लोगों की मदद से उपचार कराया। लेकिन अब सवाल उठता है की भारत जैसे इस देश मे जहां मानवता को परम धर्म माना जाता है वहां आये दिन बेज़ुबान किसी न किसी की गाड़ी का शिकार हो जाते हैं। क्या उन गाड़ियों के मालिकों मे इनके प्रति दया नहीं है? सवाल यह भी है कि इंसान इतना निर्दयी कैसे हो सकता है कि अगर वह बछड़ा है उसके किसी काम का नहीं है तो वह उसे भूखे प्यासे मरने के लिए कैसे छोड़ सकता है। अब सवाल उन लोगों पर भी है कि सैकड़ो गाड़िया उस राह से गुजरी उस बेज़ुबान को देखकर नज़रअंदाज़ कर निकल गई लेकिन किसी को उसके प्रति उसके दर्द के प्रति दया नहीं आई। खैर लखनऊ की समाज सेविका नेहा सिंह ने उस बछड़े पर मानवता दिखाकर जहाँ एक तरफ मिसाल कायम की तो इस घटना को मीडिया के सामने लाकर बेज़ुबानो के प्रति प्रत्यक्ष /अप्रत्यक्ष रूप से दयाभाव रखा जाए इस बात का छोटी सी घटना मे बड़ा सन्देश दिया है।