सत्यबन्धु भारत
हरदोई। पत्रकार द्वारा भ्रष्टाचार को उजागर करने के मामले में जांच अधिकारी ने नोटिस निरस्त करते हुए खेद व्यक्त किया है। उन्होंने कहा त्रुटिवश मीडिया संस्थान को नोटिस जारी हो गयी थी, जिसे वापस लिया जाता है, भविष्य में इस बात का ख्याल रखा जाएगा कि पत्रकारों के माध्यम से ही भ्रष्टाचार व सामाजिक बुराइयां सामने आती हैं,
जिन्हें मिलकर दूर किया जाएगा।
दरअसल विगत दिनों प्रकाशक व प्रधानाचार्य के मध्य रुपये के लेनदेन के वायरल वीडियो की खबर द टेलीकास्ट न्यूज पर चलाई गई थी। डीआईओएस द्वारा मामले की जांच के निर्देश दिए गए थे, किन्तु भ्रष्टाचार की जांच के बजाय खबर लिखने वाले पत्रकार को जीआईसी के प्रधानाचार्य टीआर वर्मा ने जांच अधिकारी के तौर पर 28 अक्टूबर को अपने पत्रांक संख्या 175/76 में द टेलीकास्ट को नोटिस भेजकर ख़बर से संबंधित साक्ष्य व
बयान तलब किये थे। जो कि भारतीय प्रेस परिषद नियमावली के विपरीत है।
इस सम्बंध में समाचार प्रकाशित होने के बाद जांच अधिकारी टीआर वर्मा ने द टेलीकास्ट को पुनः पत्र जारी करते हुए बताया कि पूर्व का पत्र त्रुटिवश प्रेषित हो गया था जिसे निरस्त करते हुए अवगत कराना है कि पत्रकार को कोई भी बयान व साक्ष्य प्रस्तुत करने की आवश्यकता नही है। उन्होंने त्रुटि के लिए खेद भी व्यक्त किया।
