सत्यबन्धु भारत। जावेद खां
हरियावां,हरदोई। हरदोई पिहानी मार्ग पर गाड़ीपुरवा के निकट चलती 108 एम्बुलेंस बनी आग का गोला पुलिस कर्मी व बच्ची समेत 3 गंभीर रूप से घायल घायलों को जिला अस्पताल रैफर कर दिया । एम्बुलेंस के चालक सूरज कुमार अनुसार हरियावां सीएचसी पर 108 एम्बुलेंस को सूचना मिली कि पिहानी ब्लॉक व कोतवाली क्षेत्र के मन्सूर नगर तिराहे पर एक्सीडेंट हुआ है 108 एम्बुलेंस के चालक सूरज कुमार व अपने सहयोगी एमटी लालू प्रसाद के साथ घायल मरीजों को लेने जा रहे थे। तभी सीएचसी से करीब 2 किलोमीटर दूर मुख्य मार्ग पर गाड़ी पुरवा के निकट शार्ट सर्किट से एम्बुलेंस में धुंआ निकलने लगा धुंआ निकलते देख चालक व सहकर्मी ने गाड़ी को जैसे
तैसे रोकी और व कूदकर जान बचाई । तभी पिहानी कोतवाली में तैनात सिपाही सोनू रावत सदर डाक ड्यूटी में अपनी बाइक से हरदोई जा रहा था एम्बुलेंस को जलता देख सिपाही ने घटना स्थल के पास बाल्टी से पानी भर आग बुझाने का प्रयास करने लगा तभी एम्बुलेंस में रखा ऑक्सीजन सिलेंडर फट जाने से सिपाही सोनू रावत गंभीर रूप से घायल हो गया साथ ही बाइक से गुजर रहे बाइक सवार राहगीर लाल सिंह व उसकी पुत्री निरंजना निवासी जनपद सीतापुर गंभीर रूप से आग का गोला बनी एम्बुलेंस के चपेट में आने से घायल हो गए !मौके पर सूचना पाकर पहुचीं स्थानीय पुलिस व ग्रामीणों की मदद से दूसरी एम्बुलेंस से घायलों को जिला अस्पताल इलाज के लिये भिजवाया गया । हादसा इतना भयंकर था एम्बुलेंस के परखच्चे उड़ गए एम्बुलेंस के परखच्चे 50 मीटर दूर व पेड़ पर टंगे नजर आये । सूचना पर पहुचीं हरियावां चीनी मिल की फायर ब्रिगेड
की गाड़ी ने बड़ी मुश्किल से आग पर काबू पाया । वहीं हर कोई घायल सिपाही सोनू रावत की बहादुरी की तारीफ कर रहा था। सिपाही ने बड़ी घटना को बचाने के लिये अपनी जान की परवाह ना कर बाल्टी द्वारा पानी भरकर आग बुझाने का प्रयास किया। चालक व मौजूद एम्बुलेंस कर्मियों ने आरोप लगाते हुए कहा हरियावां सीएचसी पर कई गाड़ियां कंडम स्तिथि में चलने लायक नही कई बार लिखित रूप से विभागीय अधिकारियों को शिकायत पत्र भी दे चुके है लेकिन जिम्मेदारों ने
ध्यान नही दिया कई बार एम्बुलेंस कर्मी हड़ताल में भी जर्जर कंडम एम्बुलेंसों को मुद्दा बना चुके है । मौके पर पहुचे एम्बुलेंस विभाग के जिला कोर्डिनेटर निशांत यादव से जब पत्रकारों ने एम्बुलेंस की कंडीशन पर सवाल किया तो वह टालते हुए नजर आए और बाद में बोले चलने लायक थी तभी चल रही थीं।
