हैण्डपम्प रिबोर व मरम्मत के नाम पर लाखों खर्च,जमीनी हकीकत कोसों दूर,विकास कार्यों के नाम पर हजारों रुपयों का हुआ फर्जी भुगतान
सत्यबन्धु भारत। सन्दीप कुमार
शाहाबाद,हरदोई। योगी सरकार भले ही जीरो टारलेन्स की नीति के तहत कार्य कर रही हो लेकिन देश के विकास की धुरी कहे जाने बाले गांवों में किस तरह जनप्रतिनिधि भ्रष्टाचार कर अपनी जेबें भरने की कोई कसर नही छोड़ रहे हैं इसी का जीता जागता उदहारण हरदोई जनपद के ब्लॉक शाहाबाद की ग्रामपंचायत रामपुर ह्रदय में देखने को मिल रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में भ्रष्ट पूर्व प्रधान ही वर्तमान में गांव की बागडोर संभाले हुए है,वर्तमान प्रधान कठपुतली की तरह ही है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि ग्राम पंचायत में पिछले माह हैण्डपम्प मरम्मत व रिबोर के नाम पर लाखों रुपये भुगतान कराया गया लेकिन हकीकत में सिर्फ चार नल ही रिबोर हुए। उसमें से एक हैण्डपम्प रिबोर होने के एक महीने एक अंदर ही खराब हो गया। आरोप यह भी है कि हैण्डपम्प रिबोर के नाम पर फर्जी भुगतान भी हुआ है। गांव में हैण्डपम्प मरम्मत स्वयं से कराते हैं। बहीं गांव में लगभग दो साल पूर्व मुरली के मकान से मालिखान के मकान तक इंटरलॉकिंग हुई थी,जिसका भुगतान सितंबर 21 में कराया गया। उसमें भी पूर्व प्रधान विनोद कुमार गुप्ता ने स्वयं हजारों रुपया निकाला जोकि गलत है। मिशन कायाकल्प के तहत स्कूल में टाइल्स का कार्य हुआ जिसमें पूर्व प्रधान विनोद कुमार गुप्ता ने लगभग 50 हजार रुपये फर्जी तरीके से अपने
नाम पर भुगतान करा लिया। लोगों का कहना है कि वर्तमान प्रधान मनीराम को पूर्व प्रधान कठपुतली की तरह प्रयोग करके ग्रामीण विकास के लिए आये धन से अपनी जेबें भर रहा है। पहले भी कई बार ग्रामीण पूर्व प्रधान पर बिना कार्य कराए फर्जी भुगतान का आरोप लगा चुके हैं। बहीं एडीओ नितांत रस्तोगी से बात करने पर उन्होंने बताया कि मिशन कायाकल्प के अंतर्गत यदि पूर्व प्रधान विनोद कुमार गुप्ता के नाम पर भुगतान हुआ है तो गलत है। अब देखने बाली बात यह होगी कि भ्रष्टाचार में जकडे रामपुर ह्रदय गांव का निरीक्षण व जांच सीडीओ या अन्य जिम्मेदार करते हैं या नही।
