सत्यबन्धु भारत
बीघापुर ,उन्नाव। विकास खण्ड के सभागार में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन तिलहन योजना के तहत दो दिवसीय कृषक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया । जिसमे किसानों को गिरिराज प्रजाति की दो -दो किलोग्राम सरसों बीज की किट का मुफ्त वितरण किया गया ।क्षेत्रीय किसानों ने किट के वितरण पर अनियमितता बरतने का आरोप लगाया है।
किसानों को संबोधित करते हुए कृषि निदेशक डॉ मुकुल तिवारी ने कहा कि पराली जलाने से हवा प्रदूषित हो जाती है जिससे आंखों में जलन ,सांस लेने में दिक्कत, खांसी, अस्थमा जैसी बीमारियों को बढ़ावा मिलता
है फेफड़ों में सूजन, संक्रमण, निमोनिया एवं दिल की बीमारियों सहित अन्य कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है| किसानों के पराली जलाने से भूमि की उपजाऊ क्षमता घट जाती है ।भूमि में 80 प्रतिशत तक नाईट्रोजन, सल्फर तथा 20 प्रतिशत तक अन्य पोषक तत्वों में कमी आ जाती है|
मित्र कीट नष्ट होने से शत्रु कीटों का प्रकोप बढ़ता है जिससे फसलों में विभिन्न प्रकार की बीमारियां उत्पन्न हो जाती | मिट्टी की ऊपरी परत कड़ी होने से जल धारण क्षमता में कमी आ जाती है| उन्होंने बताया कि एक टन धान की पराली जलाने से 5.5 किलो ग्राम नाइट्रोजन, 2.3 किलो ग्राम फॉस्फोरस और 1.2 किलो ग्राम सल्फर जैसे मिट्टी के पोषक तत्त्व नष्ट हो जाते हैं|
किसानों को किट ब्लाक प्रमुख पति पवन पासवान व उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी विकास किशोर ने प्रदान की।इस अवसर पर मिशन सलाहकार गुलाब चन्द्र गुप्ता, मिशन तकनीकी सहायक शरद प्रकाश पाण्डेय, कमलेश कुमार, राजकीय कृषि बीज भण्डार प्रभारी अमित कटियार,भोले प्रधान एवं कृषि विभाग के प्रसार कर्मी उपस्थित रहे ।
