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UP में सड़क पर कूड़ा फेंकना, थूकना अब पड़ेगा भारी, पालतू जानवर को खुले में शौच कराया तो 3 हजार जुर्माना



सत्यबन्धु भारत

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सभी शहरों को साफ-सुथरा रखने के लिए कड़ाई से व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर ली है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में उत्तर प्रदेश ठोस अपशिष्ट (प्रबंधन, संचालन एवं स्वच्छता) नियमावली 2021 को मंजूरी दे दी गई है. अब जानबूझकर गंदगी फैलाने वालों पर नगर निगम और अन्य शहरी निकाय कार्रवाई करेगा. ऐसे लोगों को 500 से लेकर 3000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.

लखनऊ. अगर आप उत्तर प्रदेश में रहते हैं और राह चलते थूकना,घर से निकलने वाले कूड़े को सड़क पर यहां-वहां फेंकना आपकी आदत में शुमार है तो अब ऐसा करना आपको भारी पड़ सकता है. उत्तर प्रदेश सरकार ने शहरों को साफ-सुथरा बनाने और प्रतिदिन निकलने वाले वाले कूड़े के निस्तारण के लिए नई व्यवस्था लागू की है. इसके तहत अब जानबूझकर कूड़ा फैलाने वालों, पालतू पशुओं को सार्वजनिक स्थानों पर शौच कराने वालों पर तगड़ा जुर्माना लगाने का फैसला किया गया है. साथ ही लोगों को कूड़ा उठवाने के एवज में यूजर चार्ज भी देना होगा. यूजर चार्ज वसूलने की जिम्मेदारी नगर निकायों को दी गई है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट की मीटिंग में उत्तर प्रदेश ठोस अपशिष्ट (प्रबंधन, संचालन एवं स्वच्छता) नियमावली 2021 को मंजूरी दे दी गई. यह नियमावली नगर निगमों के अधीन आने वाले बड़ो शहरों से लेकर नगर पंचायत वाले छोटे शहरों में लागू होगी. नियमावली के मुताबिक वाहन चलाते समय गंदगी फेंकने या थूकने पर बड़े नगर निगम वाले शहरों में एक हजार और छोटे नगर निगम वाले इलाकों में 750 रुपये जुर्माना देना होगा. इसके अलावा कूड़ा कचरा दबाने या जलाने पर बड़े नगर निगम वाले शहरों में दो हजार रुपए और छोटे नगर निगम वाले शहरों में 1,500 जुर्माना भरना होगा.

पालतू जानवर से लेकर नालियों में कूड़ा फेंकने वाले हो जाए सावधान

नियमावली के तहत अगर किसी के पास कुत्ता या कोई पालतू जानवर है और अगर वह सार्वजनिक स्थल पर मल त्यागता है तो उसको तुरंत उठवाना होगा. ऐसा न करने पर उस पशु के मालिक को 500 रुपए का जुर्माना देना होगा. इसके साथ ही खुले में नाले, नालियों में कूड़ा फेंकने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है. इसे साफ रखने की जिम्मेदारी कॉलोनी वालों की होगी. हाउसिंग सोसायटी के अंदर की गलियों की सफाई कराने का दायित्व रेजीडेंट वेलफेयर सोसाइटी वालों की होगी और इससे निकलने वाली गंदगी को एक स्थान पर रखना होगा और उसे सफाई कर्मचारियों को देना होगा. 

इन कचरों को डालना होगा अलग-अलग कूड़ेदान में

दरअसल प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में रोजाना करीब 14,468 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है. लेकिन मानक के अनुरूप प्रतिदिन कूड़े का निस्तारण नहीं हो पा रहा है. इससे पर्यावरण के साथ ही लोगों का स्वास्थ्य बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है. नियमावली के अनुसार अब घर या वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों से निकलने वाले जैविक कूड़े (बायोडिग्रेडेबल), अजैविक कूड़े (नॉन बायोडिग्रेडेबल) और घरेलू कूड़े को अलग-अलग कूड़ेदान में रखना होगा ताकि उसे सीधा उठाया जा सके.

पूरे प्रदेश में लागू होगा एक कानून

खास बात यह है कि इस नियमावली के जरिए पूरे प्रदेश में जुर्माने से संबंधित एक ही नियम लागू होंगे. अभी तक सभी जिलों के नगर निगम अपना अलग-अलग नियम बनाकर जुर्माने की राशि तय करते थे. लेकिन अब इस नियमावली में तय किये गए जुर्माने के मुताबिक जुर्माना भरना पड़ेगा.

सड़कों से लेकर गलियों तक गंदगी फैलाने पर सख्ती

सड़क हो या फिर रेलवे परिसर, हर जगह पर गंदगी फैलाने वालों के लिए अब नियम सख्त कर दिए गए हैं. इसमें सार्वजनिक स्थानों, सड़कों पर कूड़ा फेंकना प्रतिबंधित कर दिया गया है. मल्टीस्टोरी बिल्डिंग, अपार्टमेंट, गलियों में स्थित घर, होटल, पार्क, मॉल, सरकारी या निजी आवासीय कॉलोनियों, समितियों,दुकानों,कार्यलयों,एयरपोर्ट, उद्योगों को अलग-अलग कूड़ा रखने और उसके निस्तारण की व्यवस्था करनी होगी. 

कार्यक्रम करने के बाद खुद करवानी होगी सफाई

अगर कोई कार्यक्रम करवाता है जिसमें लोगों की संख्या 100 से ज्यादा है. तब कार्यक्रम की समाप्ति के बाद आयोजक को उस जगह को साफ करवाना होगा. ऐसा न करने पर आयोजक पर कचरे व क्षेत्रफल के हिसाब से जुर्माना लगाया जाएगा. फेरी और पटरी दुकानदारों को कचरे का डिब्बा रखना होगा जिससे गंदगी सड़क पर न फैले. लंगर और पूजा पंडालों में आयोजकों को जगह-जगह कूड़ेदान रखवाने होंगे.