
सत्यबन्धु भारत
संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनिसेफ की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि दो साल से कम उम्र के बच्चों को विकास के लिए आवश्यक पर्याप्त भोजन और पोषक तत्व नहीं मिल रहे और साथ ही चेतावनी दी गई है कि कोविड-19 महामारी में यह स्थिति और बदतर हो सकती है.इस सप्ताह होने वाले ‘संयुक्त राष्ट्र खाद्य प्रणाली सम्मेलन’ से पहले संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) की एक रिपोर्ट सामने आई है. रिपोर्ट के अनुसार, इस अध्ययन में बच्चों की माताओं से बातचीत की गई और पाया गया कि ऑस्ट्रेलिया, इथियोपिया, घाना, भारत, मेक्सिको, नाइजीरिया, सर्बिया और सूडान में हर तीन में से एक बच्चे को प्रतिदिन कम से कम एक बार प्रसंस्कृत या अति प्रसंस्कृत भोजन या पेय लेना पड़ता है.
रिपोर्ट में कहा गया कि बढ़ती गरीबी, असमानता, युद्ध, जलवायु संबंधी आपदा और कोविड-19 जैसी स्वास्थ्य आपदाओं के कारण विश्व के कई देशों में बच्चों को उचित पोषक तत्व नहीं मिल पा रहे हैं और पिछले 10 साल में इस स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है. यदि बच्चों की सेहत पर बचपन में सही तरह से ध्यान दिया जाए तो बड़े होकर उनके बीमार पड़ने की संभावना कम होती है.
क्यों होती पोषक तत्वों की आवश्यकता
जब बच्चे बढ़ते हैं तो उनके शरीर को बेहतर विकास के लिए प्रोटीन, विटामिन सहित कई अन्य पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है. यदि बच्चों की डाइट में इनका अभाव हो गया तो उन्हें कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं घेर सकती हैं. इस नेशनल न्यूट्रीशन वीक (National Nutrition Week) के मौके पर हम आपको कुछ ऐसे पोषक तत्वों के बारे में बता रहे हैं जिन्हें बच्चों की डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए.
प्रोटीन
प्रोटीन एक ऐसा तत्व है जिसकी जरूरत सिर्फ बड़ों को ही नहीं बल्कि बच्चों को भी होती है. यह तत्व बॉडी सेल्स के निर्माण, खाए गए भोजन को एनर्जी में बदलने, संक्रमण से लड़ने और शरीर में ऑक्सीजन के लेवल को बनाए रखने में मदद करता है. प्रोटीन की पूर्ति के लिए दालें, अंडा, चिकन, डेयरी प्रॉडक्ट और पोर्क का सेवन कराएं.
