
गोशाला में भूख से तड़पते अन्ना मवेशी,जिम्मेदार कर रहे दिखाबा
सत्यबन्धु भारत
टोडरपुर,हरदोई। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ लाख कोशिश कर ले कि अन्ना मवेशियों को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होने देंगे लेकिन इन तस्वीरों को देखकर आप खुद ही अंदाजा लगा
सकते हैं कि सीएम के आदेशों का पालन कितना किया जा रहा है
तस्वीरों में आप देख सकते हैं कि यह जो गौशाला हरदोई जनपद के ब्लॉक टोडरपुर रेभा मुरादपुर में स्थित है जिसकी हकीकत से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि गौशाला और उस में पल रहे जानवर वहां की अव्यवस्थाओं के चलते अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर सीएम योगी आदित्यनाथ गौशालाओं को सभी सुविधाओं से
लैस करने के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं। हरदोई जिले से गौशालाओं की बदहाल स्थिति कहीं ना कहीं योगी सरकार की पोल खोल रही है।
गौशाला में देखरेख करने बाले युवक महेंद्र सिंह ने बताया की नशेड़ी प्रधान
विश्वनाथ गौशाला में दारु पीने आते हैं की हकीकत से रूबरू कराया।बताया कि यहां गायों के लिए चारा पानी की कोई व्यवस्था नही है। हरदोई जिले में गौशालाओं की बदहाल स्थिति पर जब हकीकत को परखना चाहा तो वहां की हकीकत कुछ और ही निकली। अन्ना मवेशियों के भूखे पेट उनकी तड़प कुछ और ही बयां कर रही थी।
शाहाबाद ब्लाक टोडरपुर की रेभा मुरादपुर में स्थित
है इस गौशाला में लगभग इस समय 50 गाय है पर शासन की तरफ से भले ही एक लाख रुपए प्रति गौशाला भेजा गया हो लेकिन इस गौशाला में गांव के लिए सिर्फ खाने-पीने की सामग्री को लेकर केबल सूखा भूसा नाम मात्र का दिया जा रहा है न पानी की व्यबस्था है धूप से तड़पते अन्ना मवेशी आप खुद ही अंदाजा लगा सकते हैं कि इन मवेशियों को भरपेट चारा मिलता है या नहीं अगर भरपेट चारा मिलता होता तो शायद इनके खाली पेट यह तस्वीरें बयां ना करते
फिलहाल हरदोई के जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने जनपद के समस्त अधिकारियों के साथ बैठक कर कई
बार निर्देश जारी किया है जिसमें उन्होंने कहा कि गौशाला संबंधित सभी समस्याओं का निदान तत्काल प्रभाव से किया जाए अगर कोई भी गौशाला में किसी भी प्रकार की कोई कमी आती है
तो उस क्षेत्र में स्थित अधिकारी पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी लेकिन फिर भी गौशालाओं की बदहाल स्थिति सुधरने का नाम नहीं ले रही।देखना यह होगा कि सीएम के फरमान को ठेंगा दिखाने
वाले हरदोई जनपद के अधिकारी अपने जिले के जिला अधिकारी के आदेशों का पालन कितना करते हैं या महज खानापूर्ति के चलते इन मवेशियों के खाने पीने की व्यवस्था होगी उसके बाद फिर से अन्ना मवेशियों के प्रति इन अधिकारियों का व्यवहार पूर्व बदहाल की स्थिति जैसा हो जाएगा।
