
सत्यबन्धु भारत।
“कामयाबी हमारे हाथों की लकीरो में नहीं, बल्कि हमारे माथे के पसीने में होती है।”
लोगों के मन में अधिकतर यह धारणा बनी रहती है कि जो बच्चे प्रारंभिक दौर में पढ़ाई में तेज-तरार नहीं होते।
वे आगे भी किसी उपलब्धि को हासिल नहीं कर सकते लेकिन वे नहीं जानते हैं कि अगर मन में किसी लक्ष्य को केंद्रित करके मेहनत की जाए, तो सफलता हमारे कदम जरूर चुमेगी।
इंजीनियरिंग में फेल लेकिन बने आईएएस
आज की हमारी यह कहानी एक ऐसे युवक की है, जो कभी इंजीनियरिंग में फेल हुआ करते थे, लेकिन अपनी मेहनत के बदौलत उन्होंने यूपीएससी (UPSC) पास किया और आईएएस (IAS) ऑफिसर बने।
मध्यम वर्गीय परिवार से करते हैं ताल्लुक
दिल्ली (Delhi) के निवासी हिमांशु कौशिक (Himanshu Kaushik) एक मध्यमवर्गीय फैमिली से बिलॉन्ग करते हैं। उनकी मां संस्कृत की शिक्षिका हैं एवं पिताजी इंजीनियर है। उनकी शुरुआती शिक्षा दिल्ली से ही संपन्न हुई है।
नौकरी छोड़ शुरू की यूपीएससी की तैयारी
अब हिमांशु का जुनून यूपीएससी के लिए बढ़ा और उन्होंने अपने इस जॉब को छोड़ दिया। हालांकि लोगों ने उनका समर्थन नहीं किया क्योंकि हिमांशु के पढ़ाई का प्रदर्शन कुछ खास नहीं था। उन्होंने बीटेक में मात्र 65% अंक ही प्राप्त किए थे।
दोस्तों और सोशल साइट्स से दूरियां
उन्होंने यूपीएससी की तैयारी का मन तो बना लिया है लेकिन उन्हें यह समझ नहीं आ रहा था कि वह अपनी पढ़ाई कैसे करें? तब उन्होंने एक कोचिंग को ज्वाइन किया और जी-तोड़ मेहनत करने लगे। इसके साथ ही उन्होंने सोशल साइड से दूरियां बनाए ताकि उनका ध्यान सिर्फ और सिर्फ पढ़ाई पर ही रहे।
पहले प्रयास में मिली सफलता
वर्ष 2017 में उन्होंने यूपीएससी का परीक्षा दिया, जिसमें वे पहले प्रयास में 77 वी रैंक हासिल किएं। जिसके साथ उनका चयन आईएएस ऑफिसर पोस्ट के लिए हुआ। हिमांशु ने साबित कर दिया कि अगर आप किसी सफलता को प्राप्त करना चाहते हैं, तो इसके लिए आपके पीछे का बैकग्राउंड मायने नहीं रखता।
वे कहते हैं कि अगर आप सफल होना चाहते हैं, तो अपना ध्यान अपनी पढ़ाई पर रखिए और सच्ची लगन के साथ मेहनत करिए।- success story of Himanshu Kaushik from Delhi becoming an IAS officer
