
सत्यबन्धु भारत। अंकित वर्मा
कछौना,हरदोई। लखनऊ-हरदोई राजमार्ग के किनारे झाड़ियां मार्गो तक आने के कारण दो पहिया या पैदल चलने वाले लोग चोटिल व सड़क दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। हाईवे पर चलते समय पीछे से दो वाहन आते समय जब भी बाइक सवार किनारे जाते हैं। तब कंटीली झाड़ियों में उलझकर चुटहिल हो जाते हैं। किनारे नहीं जाने पर दुर्घटना होने का अंदेशा सताता है और किनारे जाने पर उनमें उलझकर चोटिल होने का ड़र भी लगा रहता है।
हाईवे पर ऐसे वाक्या रोज ही देखने को मिल रहे हैं।
गौरतलब है कि बरसात के दिनों में मार्गों के किनारे कंटीली झाड़ियों का उग आना आम बात है। लेकिन यह झाड़िया विभाग द्वारा कटवाई जाती हैं। लेकिन इस वर्ष बरसात के दिन के खत्म होने के बाद भी विभाग द्वारा झाड़ियां कटवाई नहीं गई है। जो साइकिल, बाइक व पैदल मार्ग पर चलने वालों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। इस मार्ग पर डबल नहर पुल से सण्डीला तक मां के दोनों किनारे फुटपाथ पर झाइयां हैं। जिससे हाईवे पर बाइक सवार व साइकिल व पैदल चलने वाले राहगीरों को दोनों ही तरफ से परेशानी है। अगर किनारे से हटकर मार्ग के बीच में बाइक चलाएं तो दुर्घटना हो जाती हैं। इस मार्ग पर झाड़ियों के कारण कल बुधवार को एक बाइक सवार की जान चली गई। दर्जनों राहगीर इन झाड़ियों का शिकार हो चुके हैं,
या मार्ग के किनारे पर चलाएं तो झाड़ियों से चोटिल होने का डर अगर बाइक बीच में चलाएं तो दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है। बाइक वाले के लिए वह कहानी चरितार्थ हो रही है कि एक तरफ कुंआ और एक तरफ खाई। अब किधर जाना है, यह तो साइकिल व बाइक वालों को ही तय करना है।
