
सत्यबन्धु भारत। दीपक मिश्रा
उन्नाव। उत्तर प्रदेश सरकार के हवा हवाई दावे फेल होते नजर आ रहे हैं।
फिर भी राज्य में गरीबों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सभी गरीबों के लिए पक्का मकान मुहैया कराया जा रहा हैं। जनपद में ब्लॉक से लेकर जिले के अधिकारियों तक हजारों बार चक्कर लगाने के बाद भी
आवास से वंचित हैं। फिर भी जिम्मेदार अधिकारी नही देते हैं। ध्यान सरकार के दावों में कितनी सच्चाई है। इसकी पोल खुलती नजर आ रही हैं। गरीब ऐसे हैं। जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला है। वो आज भी गरीब परिवार तिरपाल डालकर रहने को मजबूर हैं। बरसात के दिनों में इधर उधर भटकने को मजबूर हैं। ये गरीब परिवार पिछले 20 साल से गांव में झोंपड़ी में रहने को मजबूर हैं। इस दौरान प्रदेश में कई सरकार आईं और गई लेकिन इस परिवार पर आज तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है।
बिछिया ब्लॉक के गांव तारगांव के मजरे हिंदूखेड़ा में एक परिवार का बुरा हाल है।
इस परिवार के पास ना तो रहने के लिए मकान है। और ना ही खाने के लिए भोजन है। यह परिवार दर-दर भटक रहा है l बरसात के समय में इस परिवार की झोपड़ी में भी उखड़ चुकी है l जो इसका एक कमरा कच्चा था वह भी इन दिनों चल रही बरसात में गिर गया है
कई बार शिकायत के बावजूद इस परिवार को कोई भी प्रधानमंत्री आवास योजना की सुविधा नहीं हो सकी है। तारगांव के मजरे हिंदूखेड़ा गांव निवासी अनारकली पत्नी देशराज लोधी अपने बच्चों के साथ में रहते हैं। परिवार वालों का आरोप है कि हमारे आवास ना मिलने का कारण ग्राम विकास अधिकारी व ग्राम प्रधान बने हुए हैं l जबकि आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण परिवार भुखमरी की कगार पर है।
