कहीं हत्या के पीछे बड़ी साजिश तो नही,पुलिस व एम्बुलेंस कर्मियों की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल

सत्यबन्धु भारत। सन्दीप कुमार
हरदोई। एक सप्ताह पूर्व रिश्तेदारी में गये बृद्ध की शनिवार की सुबह हरदोई-शाहजहांपुर मार्ग पर थाना बेहटा गोकुल क्षेत्र में बड़ी नहर पर सड़क किनारे शव मिला था। मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज करते हुए पचदेवरा थाने के पिपरिया गांव के 5 लोंगो को जेल भेज कर मामले को दबाने का प्रयास किया। परंतु नन्हकू
की हत्या कई अनसुलझे सबालों को जन्म दे गई।
थाना बेनीगंज के भैनगांव का रहने वाला नन्हकू हरियाणा में काम करता था। वह एक सितंबर दिन बुधबार को अपनी रिश्तेदारी पचदेवरा थानाक्षेत्र के मझारी गांव गया था लेकिन रिश्तेदारी में पहुंचने से पहले ही वह लापता हो गया और चौथे दिन उसका शव मृत अवस्था में बेहटागोकुल थानाक्षेत्र के नहर पुलिया के किनारे पाया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बेनीगंज थानाक्षेत्र के भैनगांव निवासी नन्हकू कई बर्षों से हरियाणा में मजदूरी करता था वह पचदेवरा थानाक्षेत्र के मझारी गांव में अपनी रिश्तेदारी के लिए आया था। शाहाबाद थानाक्षेत्र के बेझा चौराहा पहुंचने पर उसने रास्ता पूंछने के लिए अपने भाई दुलारे से बात की। उसके बाद अनगपुर पहुंचने
पर वह रास्ता भूल गया और पिपरिया गांव पहुंच गया। नन्हकू पचदेवरा थानाक्षेत्र के पिपरिया गांव पहुंचा, अनजान व्यक्ति देखकर एक महिला ने नन्हकू को देखकर शोर मचाया तो कुछ ग्रमीणों ने उसे पकड़कर अभद्रता व पिटाई कर दी। उसके बाद ग्रामीण उसे प्रधान के यहाँ ले गए। प्रधान ने नन्हकू से नाम पता आदि पूंछा जिसका उन्होंने वीडियो भी बनाया सही नाम पता आदि न बता पाने पर उसे डायल 112 पुलिसकर्मियों के हवाले कर दिया था। बताया जा रहा है कि पुलिस घायल नन्हकू को पाली
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गयी जहां से डॉक्टर की गैर मौजूदगी में उसे हरदोई रेफर कर दिया गया। बड़ा सवाल जब ग्रामीणों ने घायल को पुलिस के सुपुर्द किया तो उसके बाहँ में हल्की चोट थी जिसका इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हो सकता था तो उसे रेफर क्यों किया गया और किसने किया। बड़ा सबाल जब ग्रामीणों ने पुलिस के सुपुर्द किया तो वह बातचीत कर रहा था कपड़े भी सही सलामत पहने था लेकिन शव अर्धनग्न मिला। आखिर कपड़े क्यों व किसने निकाले? चौथे दिन उसका शव बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र में नहर के पास सड़क किनारे अर्धनग्न अवस्था में पाया गया। बेहटागोकुल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिये भेजकर जांच शुरू की। जांच के दौरान 5 लोंगों द्वारा
पिटाई करने का मामला साबित होने पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। वहीं पचदेवरा पुलिस के मुताबिक नन्हकू को पाली पीएचसी से हरदोई रेफर किया गया था। लेकिन उसे किस हालात में भेजा गया क्या वह गंभीर घायल था या हल्की चोट थी? उसके बाद की असलियत तो एम्बुलेंस चालक ही बता सकता है। वहीं एम्बुलेंस चालक अमित का कहना है कि नन्हकू टोडरपुर के नहर किनारे सड़क पर कूद गया। जिससे चोट लगने से उसकी मौत हो गयी। बाद में एम्बुलेंस कर्मियों ने बयान बदलते हुए कहा वह शौंच के लिए उतरा था। अब सबाल उठता है कि जब घायल एम्बुलेंस से कूदकर गिर गया और या शौंच के लिए उतरा तो इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को
क्यों नही दी गयी। अब सवाल उठता है कि नन्हकू को पुलिस किस वाहन से ले गयी तथा किस डाक्टर ने मृतक को रेफर किया। रेफर करते समय घायल जीवित था या मौत हो चुकी थी। इन तमाम अनसुलझे सबालों का जबाव किसी के पास नही है। नन्हकू की हत्या से उठे सबालों पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी साथ ली जो कई सबालों को जन्म दे रही है।
बहीं मृतक के भाई दुलारे ने बताया कि
जब उनका भाई से संपर्क नही हो सका तो उन्होंने तलाश करना शुरू किया वह पिपरिया गांव गए। पिपरिया प्रधान ने उनके भाई को ढूढने में एक दिन मदद की। लेकिन उनका कुछ पता नही चला।
इतनी बड़ी
घटना होने व पुलिस व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के चुप्पी साधने से कहीं न कहीं डायल 112 पुलिसकर्मियों व एम्बुलेन्स कर्मियों पर भी सवाल उठने लगे हैं। यह हत्या किसी को फंसाने की साजिश के तहत कूटरचित साजिश होने से भी इंकार नही किया जा सकता। हालांकि पुलिस ने मामला दबाते हुए आनन-फानन में पांच लोगों को जेल भेज दिया।
