सरकारी राजस्व को लग रहा लाखों का चूना,जिम्मेदार बने धृतराष्ट्र

सत्यबन्धु भारत। सन्दीप कुमार
हरदोई। यूपी के हरदोई जिले में अवैध रूप से चल रहीं दर्जनों डग्गामार बसों पर परिवहन विभाग रोक नहीं लगा पा रहा है, जिसके चलते हर महीने लाखों के सरकारी राजस्व को चूना लग रहा है।
अवैध रूप से सड़कों पर फर्राटा भरते हुए यह बसें व कई छोटी गाड़ियां हरदोई से दिल्ली तक चलती देखी जा सकती हैं। हादसों को दावत देती इन अवैध बसों पर कोई भी प्रभावी कार्रवाई नहीं होती। यदा कदा परिवहन विभाग दिखाबे की कार्यवाही करके पल्ला झाड़ लेता है।
दरअसल हरदोई,शाहाबाद, पिहानी व पाली से कई प्राइवेट व अवैध रूप से चल रही बसें दिल्ली तक सवारियां बैठा कर जाती हैं। चूंकि
इन बसों का किराया रोडवेज से कुछ कम होता है इसलिए बहुत से लोग इन बसों पर बैठ लेते हैं। इसके कारण रोडवेज को सवारी कम मिलती हैं।
दिल्ली रूट पर चल रहे डग्गामार डबल डेकर वाहन सड़कों पर अतिक्रमण भी करते है। अकेले शाहाबाद से देखा जाए तो लगभग एक दर्जन बसें व तीन से चार अर्टिका कारे दिल्ली तक सवारियां लेकर चलती हैं। इन बसों से अवैध रूप में सवारियां बैठाने के नाम पर कुछ लोग प्रति बस 100 से 200 रुपए बसूली भी करते हैं।
सबसे ज्यादा अवैध संचालन दिल्ली रूट पर होता है, शहर के अलावा हरपालपुर, बावन, शाहाबाद, बिलग्राम, पाली से कई अवैध रूप से चल रही हैं। इनमें कई डबल डेकर बसें भी हैं। यह बसें निर्धारित संख्या से ज्यादा सवारियां बैठालकर चलती हैं। साथ ही इनके ड्राइवर भी ज्यादा प्रशिक्षित नहीं होते जिससे
आये दिन दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं।
बहीं प्राइवेट बस संचालक अपनी बसों को शहर की फुटपाथ के दोनों ओर खड़ा करते हैं जिससे पैदल चलने वाले लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ता है साथ ही जाम की समस्या भी बन जाती है।
