जांच में हुआ खुलासा 103 शौचालय बने ही नही,18 शौचालय मृतकों को दे दिए

सत्यबन्धु भारत।सन्दीप कुमार
शाहाबाद,हरदोई। शाहाबाद ब्लाक की ओर से 2 साल पूर्व ही खुले में शौच मुक्त घोषित किया जा चुका है लेकिन तमाम गांव ऐसे भी हैं जिनमें स्वछता अभियान में जमकर लूट हुई है। इसकी बानगी ग्राम पंचायत पुरवा पिपरिया है जहाँ स्वछ भारत अभियान के तहत 4 सौ से अधिक
शौचालय बनाने का लक्ष्य दिया गया था परंतु पूर्व प्रधान ने लक्ष्य के अनुरूप निर्माण नही कराया।लक्ष्य के सापेक्ष 70 प्रतिशत शौचालयों का निर्माण ही किया गया।जिले स्तर से कराई जा रही जांच में यहां शौचालय निर्माण में बहुत बड़ा खुलासा हुआ है।जांच के दौरान ग्राम पंचायत में लगभग 3 सौ शौचालयों का निर्माण पाया गया शेष शौचालयों की धनराशि 18 मृतकों सहित पूर्व प्रधान द्वारा ऐसे लोंगो को दिये जाने की पुष्टि हुई है।जिनके नाम पर अभी तक शौचालय नही बना है।जांच के दौरान जो
तथ्य सामने आए हैं वह बेहद चोंकाने वाले हैं। जांच में पता चला है 18 लाभार्थी जो लगभग 10 से 15 वर्ष पहले ही स्वर्गवासी हो गये हैं उन्हें भी शौचालय के लाभ से आच्छादित कर सरकारी धनराशि गबन की। ग्राम प्रधान नानक चन्द्र ने पूर्व प्रधान व सचिव पर शौचालय निर्माण में 10 लाख से अधिक के घोटाले का आरोप लगाते हुये सीडीओ,डीएम,मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।शिकायत पर जिला स्तर से जांच बीडीओ को दी गयी थी परंतु बीडीओ
ने जांच ग्राम पंचायत स्तर के कर्मचारी से कराकर सच को दबाने का प्रयास किया परंतु जांच में प्रथम दृष्टया भारी घोटाले का सच सामने आने पर जांच कर्ता को दूसरे गांव जाने का फरमान बीडीओ ने सुना दिया। दूसरे दिन रविवार को भी यहां शौचालयों की जांच की गई जिसमें 103 शौचालय का निर्माण नही पाया गया। जांच अधिकारी शिवांशु ने बताया कि शौचालय निर्माण हेतु दी जाने वाली धनराशि लाभार्थियों के खाते में न देकर फर्मों के खातों पर भेजी गई तथा पूर्व प्रधान द्वारा
शौचालयों का निर्माण उन्ही फर्मों से सामान खरीदकर कराये जाने की बात सामने आई है।
बोले जिम्मेदार :-
पुरवा पिपरिया में शौचालयों की जांच के बाबत बीडीओ प्रमेन्द्र पांडेय ने बताया उस दौरान जिस सचिव
की तैनाती रही होगी असली जिम्मेदार वही है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद इसमें शामिल लोंगो पर कार्यवाही की जाएगी।
