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ऊंचे अपार्टमेट गिराने के शीर्ष अदालत के आदेश के बाद घर खरीददार हैं और परेशान



सत्यबन्धु भारत

नोएडा. रश्मि बोंद्रे और उसके पति मनीष कुमार ने अप्रैल, 2010 में ग्रेटर नोएडा में सुपरटेक के इको विलेज-1 आवासीय परियोजना में एक फ्लैट बुक कराया था और उन्हें 2012 तक कब्जा मिल जाने का आश्वासन दिया गया था. रश्मि और मनीष ने उम्मीद की थी कि यदि निर्माण में देरी हुई तब भी वह 2013 तक अपने घर में चले ही जायेंगे और उन्हें किराये के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी.

इस नव दंपति के लिए जिंदगी अच्छी जान पड़ी थी लेकिन उन्हें वह नहीं मिला जिनकी उन्हें इच्छा थी. अब 2021 में उनके दो बच्चे हैं लेकिन सुपरटेक में बुक करने के बाद उनका जो घर का सपना था, वह आज भी सपना ही है. इसी दंपति की तरह कई अन्य लोग हैं जो अपने सपने के घर का अब भी बाट जोह रहे हैं और कई समय सीमाएं गुजरने के बाद भी आज तक उन्हें फ्लैट नहीं मिल पाया है .

उच्चतम न्यायालय ने 13 अगस्त को यहां नोएडा में सुपरटेक के इमराल्ड कोर्ट प्रोजेक्ट में दो 40 मंजिली टावरों को भवन उपनियमों का उल्लंघन करने के मामले में गिराने का आदेश दिया है .