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जिम्मेदारों की लापरवाही से ब्लॉक परिसर के चक्कर काटने को मजबूर हैं मनरेगा मजदूर



सत्यबन्धु भारत

बीघापुर, उन्नाव । गलती किसी की और खामियाजा किसी और को भुगतना पड़ रहा है।प्रधानमंत्री आवास के निर्माण में काम करने वाले मनरेगा के श्रमिकों को अर्से से मजदूरी नहीं मिल पा रही है। मजदूर भुगतान के लिए ब्लॉक के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उन्हें निराशा ही मिल रही है। ब्लॉक में आवास पूर्ण होने के बाद उनकी फाइल भी क्लोज कर दी गई ।जिससे अब उनकी मजदूरी के भुगतान पर ग्रहण लग गया है।
बीघापुर ब्लॉक में वर्ष 2020-21 में 67 ग्राम पंचायतों में कुल 528 प्रधानमंत्री आवास दिए गए थे।जिनमें से लाभार्थियों के सभी किस्तों के भुगतान तो कर दिए गए वहीं आवास के निर्माण में लगे अधिकांश मनरेगा जॉबकार्ड धारकों की मजदूरी वीडीओ व पंचायत मित्र की लापरवाही से अटक गई है । विभागीय अधिकारियों के मुताबिक निर्धारित समय अवधि मे मास्टररोल जमा न करने पर जॉबकार्ड धारकों की नब्बे दिन की मजदूरी की जगह  65, 70, 56 ,84 ,28 दिन की मजदूरी का भुगतान ही किया गया। शेष दिनों की मजदूरी के भुगतान के लिए जॉबकार्ड धारक मजदूर सचिव की परिक्रमा कर रहे हैं।
खंड विकास अधिकारी अमित मिश्रा ने बताया कि पीएम आवास निर्माण के लिए दिशानिर्देश की जानकारी कर्मचारियों को न होने से कई मजदूरों के मस्टररोल एक माह के अंदर जमा नहीं हो पाए जिससे उनका भुगतान नहीं हो पा रहा है ।
परियोजना निदेशक मनरेगा यशवंत सिंह ने गोलमोल जवाब देते हुए कहा कि किसी का आवास दो महीने में बन जाता है और किसी का तीन महीने में बनता है उसी हिसाब से मजदूरी का भुगतान किया जाता है।