
सत्यबन्धु भारत
अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा हो चुका है। वहीं तालिबान ने अपनी अंतरिम सरकार को जो चेहरा पेश किया उसने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। आशंकाएं हैं कि तालिबान के उभार के बाद आतंकी घटनाओं में इजाफा हो सकता है। वहीं भारत पर भी इसका असर दिख सकता है। ऐसे में इसको लेकर भारत ने भी तैयारी शुरू कर दी है। अब भारत में एंटी-टेररिज्म ऑपरेशंस के लिए तैनात सुरक्षा बलों को नए ढंग से ट्रेनिंग दी जाएगी। इन सुरक्षा बलों को तालिबान और उसके काम करने के तरीकों को बताते हुए ट्रेंड किया जाएगा। समाचार एजेंसी पीटीआई ने इस संबंध में रिपोर्ट प्रकाशित की है। इसके मुताबिक केंद्रीय सुरक्षा संगठनों को अपनी फोर्सेज को नए ट्रेनिंग मॉड्यूल के साथ तैयार करने के लिए कहा गया है।
बताया जाएगा तालिबान कैसे करता है काम
एक अधिकारी के हवाले से प्रकाशित पीटीआई की रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गई है। इस अधिकारी के मुताबिक सुरक्षा बलों के ट्रेनिंग मॉड्यूल में एक सेगमेंट है, ‘चेंजिंग डायनेमिक्स ऑफ बॉर्डर मैनेजमेंट’। इसमें तालिबान से जुड़ी जानकारी है। लेकिन इसे काफी समय से अपडेट नहीं किया गया है। अधिकारी ने बताया कि वैश्विक हालात में हुए बदलाव के बाद इस जानकारी को अब अपडेट किया जा रहा है। इसके जरिए हमें 9/11 के बाद पिछले 20 साल में क्या-क्या बदलाव हुए हैं, उनके बारे में बताया जाएगा। यह ट्रेनिंग, बीएसएफ, एसएसबी, राज्य पुलिस की इकाइयों के साथ-साथ एंटी-टेररिस्ट ड्यूटीज में शामिल बलों जैसे सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस को भी दी जाएगी।
भारत में बढ़ सकती हैं आतंकी गतिविधियां
15 अगस्त को तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया। इसके बाद चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने कहा था कि भारत आतंक में बढ़ोत्तरी का सामना करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा
कि हमें इस बात की चिंता है कि अफगानिस्तान में तालिबान गतिविधियों से भारत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। जनरल रावत ने कहा कि इसका असर भारत में आतंकी गतिविधियों के रूप में भी दिख सकता है। ऐसे हालात से निपटने के लिए हम अपनी तरफ से पूरी तैयारी कर रहे हैं। जवानों को पूरी तरह से किया जाएगा अपडेट
