
सत्यबन्धु भारत
अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में क्वाड देशों की बैठक होने वाली है। इससे पहले भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के बीच मुलाकात चल रही थी, जो अब खत्म हो चुकी है। व्हाइट हाउस में भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जोरदार स्वागत किया गया और बाइडेन और पीएम मोदी के बीच कई मुद्दों पर बातचीत की गई है। दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के बीच ये मुलाकात करीब 45 मिनट तक चली। वहीं, इस मुलाकात के बाद क्वाड की बैठक होगी। जहां अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन, भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन और जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा बैठक करेंगे। भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व्हाइट हाउस पहुंच चुके हैं। वहीं, व्हाइट हाउस के बाहर भारतीय मूल के लोगों की भारी भीड़ है, जो पीएम मोजी को एक नजर देखना चाहते हैं।
मोदी-बाइडेन मुलाकात
व्हाइट हाउस में पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे भारत के साथ काफी मजबूत संबंध हैं और हम लगातार अपने संबंधों को और मजबूत कर रहे हैं। हमारे मूल्य लोकतांत्रिक हैं। वहीं, भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत-अमेरिका रिश्तों की मजबूती के लिए राष्ट्रपति जो बाइडेन का विजन काफी महत्वपूर्ण है। पीएम मोदी ने कहा कि ये दशक भारत-अमेरिका रिश्तों के साथ साथ लोकतांत्रिक देशों के बीच के रिश्तों के लिए काफी अहम रहने वाला है । पीएम मोदी ने कहा कि हम लोकतांत्रिक मूल्यों और परंपराओं को लेकर साथ चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस दशक में टैलेंट का अपना एक अलग महत्व है और भारतीय टैलेंट अमेरिका के विकास में काफी अहम भूमिका निभाता आया है और आगे भी निभाता रहेगा।
टेक्नोलॉजी और ट्रेड पर बात
राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि, ''आज हम भारत-अमेरिका संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं। चार मिलियन भारतीय अमेरिकी हर दिन अमेरिका को मजबूत बना रहे हैं।" वहीं, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्हें 2014 और 2016 में जो बिडेन के साथ विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर मिला। इस दशक में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल काफी महत्वपूर्ण होने वाला है और भारत और अमेरिका के बीच के संबंध में भी टेक्नोलॉजी काफी अहम भूमिका निभाएगा। पीएम मोदी ने कहा कि, भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड का अपना अलग महत्व है। जो चीज भारत में बनता है, वो अमेरिका में काम आ सकता है। जो चीजें अमेरिका में बनती हैं, वो भारत के लिए जरूरी हो सकती है।
जलवायु परिवर्तन पर बात
पीएम मोदी ने राष्ट्रपति बाइडेन से मुलाकात के दौरान जलवायु परिवर्तन का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि, महात्मा गांधी कहते थे कि इंसान इस प्लानेट के लिए एक ट्रस्टी के तौर पर है और हमें आने वाले जेनरेशन को भी इस प्लानेट को सही तरीके से संभाल कर आगे बढ़ाना चाहिए। इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा है कि कोविड-19, जलवायु परिवर्तन के लिए हम आगे भी बात करते रहेंगे।
पीएम मोदी का स्वागत
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भारतीय प्रधानमंत्री का स्वागत किया है। राष्ट्रपति जो बाइडेन ने ट्वीट करते हुए कहा है कि पीएम मोदी का व्हाइट हाउस में स्वागत हैं और मैं भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलने के लिए काफी उत्साहित हूं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि, '' आज सुबह मैं एक द्विपक्षीय बैठक के लिए व्हाइट हाउस में भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी कर रहा हूं। मैं अपने दोनों देशों के बीच गहरे संबंधों को और मजबूत करने, एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक को बनाए रखने और COVID-19 से लेकर जलवायु परिवर्तन तक हर चीज से निपटने के लिए तत्पर हूं।''
This morning I’m hosting Indian Prime Minister Narendra Modi at the White House for a bilateral meeting. I look forward to strengthening the deep ties between our two nations, working to uphold a free and open Indo-Pacific, and tackling everything from COVID-19 to climate change.
— President Biden (@POTUS) September 24, 2021
ऐतिहासिक क्वाड की बैठक
क्वाड की बैठक को लेकर एक तरफ जहां चारों देशों के बीच चीन को घेरने को लेकर रणनीति बन रही है, वहीं चीन की तरफ से क्वाड की बैठक से पहले तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। चीन ने क्वाड की बैठक को चीन के खिलाफ बताया है और कहा है कि क्वाड की वजह से क्षेत्रीय शांति प्रभावित हो सकती है। वहीं, पाकिस्तान भी क्वाड की बैठक से बौखलाया हुआ है। पाकिस्तान में लोगों का कहना है कि अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अभी तक इमरान खान को एक फोन तक नहीं किया है, जबकि वो भारतीय प्रधानमंत्री के साथ व्हाउट हाउस में इतनी अहम मुलाकात कर रहे हैं। वहीं, माना जा रहा है कि क्वाड की बैठक के दौरान चीन को सख्त संदेश दी जा सकती है।
व्हाइट हाउस के बाहर भारतीयों की भीड़
एक तरफ व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मौजूद हैं तो दूसरी तरफ व्हाइट हाउस के बाहर लोगों की भारी भीड़ है और अमेरिकी भारतीय एक नजर भारतीय प्रधानमंत्री मोदी को देखना चाहते हैं। अमेरिका में रहने वाले भारतीय लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की प्रगति के लिए काफी काम किया है और उन्होंने भारत की काफी बेहतर अंदाज में सुरक्षा की है। वहीं, व्हाइट हाउस के बाहर मौजूद कुछ लोगों का कहना है कि एच-1बी वीजा की संख्या बढ़ाना चाहिए।
लंबी बातचीत करना चाहते हैं बाइडेन
कुछ ही देर पहले व्हाइट हाउस की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और संयुक्त राज्य अमेरिका के नेता कोविड वैक्सीन, अंतरिक्ष, 5G टेक्नोलॉजी को लेकर नये सहयोग और समझौते की घोषणा कर सकते हैं। क्योंकि इंडो पैसिफिक क्षेत्र में चुनौतियां, जलवायु परिवर्तन और कोविड महामारी जैसे मुद्दे मेज पर हैं। आपको बता दें कि यह पहला मौका है, जब व्हाइट हाउस में पहली बार व्यक्तिगत रूप से क्वाड शिखर सम्मेलन होगा। रिपोर्टों में कहा गया है कि क्वाड लीडर्स भी वैक्सीन डिलिवरेबल्स को रोल आउट करने और स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में कई उपायों की घोषणा करने की योजना बना रहे हैं।
व्हाइट हाउस के अधिकारी ने क्या कहा?
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि, ''चारों देशों के नेता काफी करीब से आपसी हित, वैश्विक चिंता के मुद्दों पर बात करने के लिए एक अवसर के लिए आशान्वित हैं। वे उन महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र का सामना कर रहे हैं। जलवायु परिवर्तन से जुड़े मुद्दे, कोविड से संबंधित मामलों को लेकर काफी अहम बातचीत होगी। वे इस बारे में भी बात करेंगे कि बुनियादी ढांचे को कैसे आगे बढ़ाया जाए''। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने क्वाड सभा की अनौपचारिक प्रकृति को रेखांकित किया और कहा कि यह एक क्षेत्रीय सुरक्षा संगठन नहीं है, लेकिन जैसा कि नेता हिंद-प्रशांत क्षेत्र के सामने आने वाली चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं, और उसी तरह के मुद्दों को संबोधित किया जाएगा।
स्पेस टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर के लिए होगा बड़ा ऐलान
रिपोर्ट के मुताबिक, स्पेस सेक्टर को लेकर चारों देश खास प्लान का ऐलानम कर सकते हैं। वहीं, सेमीकंडक्टर को लेकर भी चारों देश बड़ा फैसला ले सकते है। रिपोर्ट के मुताबिक, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग के क्षेत्र में मास्टर्स की डिग्री और डॉक्टरेट की पढ़ाई के लिए फेलोशिप की घोषणा की जा सकती है। भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी, ऑस्ट्रेलिया के प्रधान मंत्री स्कॉट मॉरिसन और जापान के प्रधान मंत्री योशीहिदे सुगा इन-पर्सन शिखर सम्मेलन के लिए व्हाइट हाउस में अपने मेजबान राष्ट्रपति जो बिडेन के साथ शामिल हैं। चारों नेता मार्च में अपने आभासी शिखर सम्मेलन में शुरू की गई पहलों पर अपडेट प्राप्त लेंगे और पिछले बैठक की समीक्षा करेंगे।
