
सत्यबन्धु भारत
हरदोई। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के तत्वाधान में तथा जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदोई सुरेंद्र सिंह-प्रथम के आदेशानुसार जिला कारागार हरदोई में प्लीबारगेनिंग विषय पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। प्राधिकरण सचिव अलका पाण्डेय ने सम्बन्धित विषय पर जानकारी देते हुये कहा कि प्ली बारगेनिंग एक स्वैच्छिक प्रक्रिया है।
इस प्रक्रिया के तहत आरोपी अपने अपराध को मर्जी से स्वीकार करता है। इसमें दोनों पक्षों के बीच होने वाला समझौता अदालत की देखरेख में होता है। आरोपी की सजा उस केस की न्यूनतम सजा से आधी या उससे भी कम कर दी जाती है और आरोपी मजिस्ट्रेट के सामने अपने गुनाह को कबूल कर लेता है। जिनमें 7 साल से कम सजा है और बन्दी कुछ समय तक कारागार में व्यतीत कर चुके हों वह सम्बन्धित न्यायालय में जुर्म इकबाल का प्रार्थना पत्र देकर सुलह के
माध्यम से अपने केसों का अन्तिम रुप से निस्तारण करा सकते हैं। क्योकि प्लीबारगेनिंग के अन्तर्गत छोटे मामलें आते हैं और ऐसे कैदी जो आपसी रजामंदी से निपटारा करा सकते हैं और न ही वह कैदी बार-बार जेल आया हो और न ही पहले से कोई मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन हो।तत्पश्चात जेल अधिकारियों के व्यक्तिगत प्रयासों के तहत 36 बन्दियों को चश्में का वितरण कर सचिव द्वारा जिला कारागार का निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान
बैरकों की साफ-सफाई का भी जायजा लिया। डॉ. देवी शंकर कनौजिया व डॉ. राम नरेश वर्मा तथा फार्मासिस्ट विनोद दुबे की टीम द्वारा बंदियों की आंखों की जांच की जा रही थी।इस अवसर पर जेलर श्री संजय सिंह, डिप्टी जेलर श्री अजय कुमार कुलवन्त व विजय लक्ष्मी,तथा जेल के प्राविधिक स्वयं सेवक आदि मौजूद रहे।
