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वैक्सीन की एक डोज भी बचाती है 96.6 फीसद जिंदगी, त्योहारों से पहले टीकाकरण पर सरकार का है खास जोर



सत्यबन्धु भारत।

तीसरी लहर की आशंका के बीच त्योहारी सीजन से पहले सरकार देश में अधिक से अधिक लोगों का टीकाकरण करने की कोशिश में जुट गई है। स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण के अनुसार त्योहारों के दौरान कोरोना संक्रमण बढ़ने की आशंका है और इसके पहले इससे ज्यादा प्रभावित होने वाले सभी लोगों का टीकाकरण कर उन्हें सुरक्षित करना जरूरी है। टीकाकरण और संक्रमण पर रियल टाइम नजर रखने के लिए तैयार वैक्सीन ट्रैकर की जानकारी देते हुए भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के महानिदेशक डाक्टर बलराम भार्गव ने कहा कि वैक्सीन की एक डोज भी कोरोना से होने वाली मौतों को 96.6 फीसद तक रोकने में कारगर साबित हो रहा है।

58 फीसद लोगों को लगी एक डोज, 18 फीसद का टीकाकरण पूरा

देश में टीकाकरण की ताजा स्थिति की जानकारी देते हुए राजेश भूषण ने कहा कि 18 साल से अधिक उम्र के 58 फीसद लोगों को कम से कम एक डोज दी जा चुकी। वहीं 18 फीसद को दोनों डोज मिल चुकी हैं। इसी तरह फ्रंटलाइन वर्कर्स में 100 फीसद को एक डोज और 80 फीसद को दोनों डोज और हेल्थकेयर वर्कर्स में 99 फीसद को एक डोज और 84 फीसद को दोनों डोज लग चुकी हैं।

डा. बलराम भार्गव ने वैक्सीन, टेस्टिंग और ट्रीटमेंट के आंकड़ों पर नजर रखने के लिए तैयार वैक्सीन ट्रैकर को दिखाते हुए बताया कि इसके माध्यम से 15 मार्च के बाद से वैक्सीन लगाने वालों, टेस्ट कराने वालों और अस्पताल में इलाज कराने वालों पर रियल टाइम नजर रखी जा रही है। इसके माध्यम से यह पता चलता रहता है कि टेस्टिंग में कोरोना पाजिटिव होने वालों में कितने लोगों ने एक डोज और कितने ने दोनों डोज ली थीं। इनमें से कितने लोगों को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ी और उनमें से कितने की मौत हो गई। वैक्सीन ट्रैकर के माध्यम से यह पता चला कि जितने लोगों को वैक्सीन की एक डोज लेने के बाद अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था उनमें से 96.6 फीसद लोगों की जिंदगी बच गई और जिन लोगों को दोनों डोज लगी थी, उनमें 97.5 फीसद लोगों की जिंदगी बचाने में सफलता मिली।

डा. भार्गव ने कहा कि वैक्सीन की एक डोज भी कोरोना से जान बचाने में काफी हद तक कारगर साबित हो रहा है। उन्होंने कहा इस वैक्सीन ट्रैकर को अगले तीन-चार दिन में स्वास्थ्य मंत्रालय के वेबसाइट पर लाइव कर दिया जाएगा।

संक्रमण दर बढ़ना तीसरी लहर की शुरुआत नहीं

केरल के बाहर कुछ स्थानों पर संक्रमण की दर बढ़ने के बारे में पूछे जाने पर राजेश भूषण ने कहा कि कुछ दिनों के लिए संक्रमण दर बढ़ने को तीसरी लहर की शुरुआत नही माना जा सकता है। देश में अभी तक कोरोना की दूसरी लहर खत्म नहीं हुई है और हम अभी उसके बीच में है। उनके अनुसार देश के 35 जिले ऐसे हैं, जिनमें संक्रमण की दर 10 फीसद से अधिक बनी हुई है, वहीं 30 जिलों में यह पांच से 10 फीसद के बीच में है। उनके अनुसार लगभग 43 हजार औसतन प्रतिदिन नए मामले को देखें तो यह कोरोना की पहली लहर के चरम का लगभग आधा है। इसे देखते हुए लोगों को त्योहारों से पहले वैक्सीन लगवाने के साथ-साथ कोरोना को लेकर उचित व्यवहार का पालन करना चाहिए, जिनमें मास्क लगाना, उचित दूरी बनाए रखना और भीड़-भाड़ वाले स्थानों से बचाना शामिल है।